Punjab News: पंजाब की सियासत में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को दोहरा झटका देते हुए उसके तीन प्रमुख बागी विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीनों नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। ये तीनों नेता पिछले काफी समय से अपनी ही सरकार और पार्टी नेतृत्व की नीतियों के खिलाफ मुखर नजर आ रहे थे।
Punjab News: चुनाव से पहले पंजाब में AAP को झटका, दो विधायकों के
पार्टी छोड़ने की वजह और नेताओं के दावे

भाजपा में शामिल होने के बाद नेताओं ने आम आदमी पार्टी पर स्थानीय मुद्दों और कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पूर्व आईपीएस कुंवर विजय प्रताप सिंह लंबे समय से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे, वहीं जौड़ामाजरा और पठानमाजरा ने भी हाल ही में प्राथमिक सदस्यता से दूरी बना ली थी।
सदस्यता लेने के बाद सनौर विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने दावा किया कि पंजाब में आने वाले समय में भाजपा ही सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही राज्य से जुड़े कुछ अहम और जरूरी मुद्दों का समाधान हो जाएगा, पंजाब की जनता और अन्य नेता पूरी तरह से भाजपा के साथ आ खड़े होंगे।
भाजपा में शामिल हुए तीनों दिग्गज चेहरों का परिचय

कुंवर विजय प्रताप सिंह (अमृतसर नॉर्थ): राजनीति में आने से पहले वे पंजाब कैडर के एक चर्चित और सख्त आईपीएस अधिकारी रहे हैं। वे 2015 के चर्चित कोटकपूरा और बहबल कलां गोलीकांड की जांच करने वाली विशेष जांच टीम (SIT) के प्रमुख थे। रिपोर्ट पर विवाद के बाद इस्तीफा देकर वे आप में शामिल हुए थे और अमृतसर नॉर्थ से विधायक चुने गए थे।
चेतन सिंह जौड़ामाजरा (समाना): पटियाला जिले की समाना सीट से विधायक जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में स्वास्थ्य एवं जनसंपर्क जैसे अहम विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री रहते फरीदकोट मेडिकल कॉलेज के कुलपति से जुड़े घटनाक्रम के बाद वे देशभर की सुर्खियों में आए थे।

हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर): मालवा क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में मजबूत राजनीतिक पकड़ रखने वाले पठानमाजरा इससे पहले अकाली दल और कांग्रेस में भी सक्रिय रह चुके हैं। सनौर क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों को प्रखरता से उठाने के लिए उनकी अपनी एक अलग पहचान है।
पंजाब में सियासी समीकरणों पर असर
मालवा और माझा क्षेत्र के इन तीन कद्दावर नेताओं के आने से पंजाब में भाजपा को बड़ी मजबूती मिली है। पटियाला और अमृतसर जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक गढ़ों में जनाधार रखने वाले इन चेहरों के जुड़ने से आने वाले विधानसभा चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदलने के आसार बन गए हैं। भाजपा नेतृत्व का दावा है कि आने वाले दिनों में अन्य विपक्षी दलों के कई और बड़े चेहरे भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
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