
Punjab News: पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को राज्य में एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पटियाला जिले की दो प्रमुख विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे ‘आप’ के दो दिग्गज विधायकों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे देने का ऐलान कर दिया है। इस्तीफा देने वाले नेताओं में सनौर सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना सीट से विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा शामिल हैं। इन दोनों प्रमुख नेताओं द्वारा एक साथ पार्टी छोड़ने के फैसले से पंजाब के सियासी गलियारों और आम आदमी पार्टी के भीतर अचानक हलचल तेज हो गई है।
भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं और आगे की रणनीति

पार्टी से त्यागपत्र देने के बाद दोनों विधायकों के अगले राजनीतिक कदम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि दोनों नेता चंडीगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा के दौरान औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दोनों विधायकों ने शाम 4:30 बजे चंडीगढ़ प्रेस क्लब में एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। माना जा रहा है कि इस प्रेस वार्ता के दौरान वे आम आदमी पार्टी छोड़ने के मुख्य कारणों को उजागर करेंगे और अपनी भावी राजनीतिक रणनीति के बारे में स्थिति स्पष्ट करेंगे।
मंत्री पद से हटाए जाने और बढ़ती नाराजगी का असर

चेतन सिंह जौड़ामाजरा आम आदमी पार्टी की सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से पार्टी संगठन में उनकी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। ‘आप’ नेतृत्व ने समाना विधानसभा सीट पर उनकी जगह पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को हलका इंचार्ज की अहम जिम्मेदारी सौंप दी थी। इस फैसले के बाद से ही जौड़ामाजरा और पार्टी हाईकमान के बीच दूरियां बढ़ती दिख रही थीं, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने आखिरकार पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।

विवादों और कानूनी कार्रवाइयों का इतिहास

सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का कार्यकाल भी लगातार विवादों से घिरा रहा है। पठानमाजरा के खिलाफ संगीन आपराधिक मामलों के तहत रेप का केस दर्ज हुआ था, जिसके बाद वे देश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। बाद में जब वे मामले की जांच में शामिल होने के लिए भारत लौटे, तो पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इन विवादों के कारण पार्टी के भीतर उनके संबंधों में खटास आ गई थी।
पंजाब की राजनीति पर असर
पंजाब में आगामी चुनावों के बेहद करीब आते ही दो सिटिंग विधायकों का एक साथ इस्तीफा देना आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकता है। पटियाला जिले में इन दो बड़े चेहरों का हटना पार्टी के स्थानीय जनाधार को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें शाम 4:30 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां से पंजाब की राजनीति को एक नया मोड़ मिलने की उम्मीद है।
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