Punjab News: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के आवंटियों और संपत्ति मालिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शहर में लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में तब्दील कराने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से बोर्ड एक विशेष ‘जन सुविधा शिविर’ (पब्लिक फैसिलिटेशन कैंप) शुरू करने जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आवेदकों को एक ही छत के नीचे कन्वर्जन से जुड़ी तमाम औपचारिकताएं पूरी करने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
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आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों दोनों को मिलेगा लाभ
इस जन सुविधा शिविर में केवल रिहायशी मकान ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक संपत्तियों (कमर्शियल यूनिट्स) को भी लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलवाने के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
तारीख और कार्यदिवस: यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। ध्यान रहे कि यह सुविधा केवल आधिकारिक कार्य दिवसों (वर्किंग डेज) पर उपलब्ध होगी; शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टियों के दौरान शिविर बंद रहेगा।
समय और स्थान: संपत्ति मालिक सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक सेक्टर-9 डी स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय परिसर की छठी मंजिल पर बने बहुउद्देशीय हॉल में पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
शिविर में आने से पहले जरूरी दस्तावेज रखें तैयार

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए आवेदकों के पास पूरे कागजात होने अनिवार्य हैं। शिविर में उपस्थित होते समय निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाएं:
मूल आवंटन पत्र (Allotment Letter) या हस्तांतरण विलेख (Transfer Deed) की प्रति।
बोर्ड को किए गए नवीनतम भुगतानों की रसीदें।
पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र की वैध प्रतियां।
कन्वर्जन प्रक्रिया से संबंधित अन्य आवश्यक विधिक व तकनीकी कागजात।
दस्तावेजों की संपूर्णता से मौके पर ही आवेदन की जांच (स्क्रूटनी) और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
पहले ऑनलाइन जांचें बकाया और कन्वर्जन शुल्क

सीएचबी प्रशासन ने सभी आवेदकों को सलाह दी है कि वे शिविर में आने से पहले बोर्ड के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी संपत्ति का पूरा विवरण देख लें।
पोर्टल के माध्यम से आवेदक यह सुनिश्चित कर लें कि उनकी संपत्ति पर कितना कन्वर्जन शुल्क देय है और क्या कोई पूर्व बकाया राशि (ग्राउंड रेंट, सर्विस चार्ज आदि) लंबित है। पहले से देय राशि की स्पष्ट जानकारी होने से शिविर के दौरान अनावश्यक तकनीकी अड़चनों, लंबी कतारों और कागजी देरी से बचा जा सकेगा।
‘सिंगल विंडो’ समाधान की दिशा में अहम पहल
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अनुसार, लंबे समय से संपत्ति धारक कन्वर्जन नियमों की जटिलताओं को लेकर परेशान थे। यह शिविर एक सिंगल-विंडो सिस्टम के रूप में काम करेगा, जहां मौके पर ही अधिकारियों की उपस्थिति में फाइलें जांची जाएंगी और शंकाओं का समाधान किया जाएगा। बोर्ड ने सभी पात्र आवंटियों से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखते हुए इस विशेष अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं।










