सतर्कता, साहस और संवेदनशीलता की मिसाल बनी महिला पुलिसकर्मी

भोपाल  देशभक्ति–जनसेवाके संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी ड्यूटी के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आमजन की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। इसी का प्रेरणादायी उदाहरण DCP ज़ोन-2 कार्यालय में पदस्थ महिला पुलिसकर्मीआरक्षक सुश्री निकिता जोशीने प्रस्तुत किया, जिनकी सजगता और साहस से एक 6 वर्षीय मासूम बालक की जान बच सकी। घटना उस समय की है जब निकिता जोशी ड्यूटी समाप्त कर शाम को अपने घर पहुंची थीं। इसी दौरान घर के सामने स्थित मंदिर परिसर से बच्चों के घबराए हुए चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए

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Published On :

सितम्बर 8, 2026

भोपाल 

देशभक्ति–जनसेवाके संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी ड्यूटी के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आमजन की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। इसी का प्रेरणादायी उदाहरण DCP ज़ोन-2 कार्यालय में पदस्थ महिला पुलिसकर्मीआरक्षक सुश्री निकिता जोशीने प्रस्तुत किया, जिनकी सजगता और साहस से एक 6 वर्षीय मासूम बालक की जान बच सकी।

घटना उस समय की है जब निकिता जोशी ड्यूटी समाप्त कर शाम को अपने घर पहुंची थीं। इसी दौरान घर के सामने स्थित मंदिर परिसर से बच्चों के घबराए हुए चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए वे तत्काल मंदिर परिसर की ओर दौड़ीं।

मंदिर के पीछे झाड़ियों में उन्होंने 6 वर्षीय बालक को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर बालक के हाथ में बिजली का तार दिखाई दिया। बिना समय गंवाए निकिता जोशी ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बालक का हाथ बिजली के तार से अलग किया।

तार हटते ही बालक ने आंखें खोलीं। बालक की स्थिति को देखते हुए निकिता जोशी ने उसे तत्काल अपनी गोद में उठाया और परिजनों की सहायता से बिना विलंब अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से बालक की जान बच गई।

बालक के परिजनों ने महिला पुलिसकर्मी कीतत्परता, साहस और मानवीय संवेदनशीलताके लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।