Punjab News: Punjab BJP का बड़ा फैसला, बागी तेवर दिखाने वाले तीन नेताओं पर कार्रवाई

संगरूर के कुछ बागी भाजपा नेताओं ने पंजाब भाजपा के संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु पर पार्टी संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 29, 2026

Punjab News: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई ने पार्टी अनुशासन को तोड़ने और वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बगावत करने वाले नेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पंजाब भाजपा की अनुशासन समिति ने संगरूर जिले के तीन प्रमुख बागी नेताओं को आधिकारिक नोटिस जारी किया है। पार्टी ने इन सभी नेताओं से आगामी तीन से सात दिनों के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

किन नेताओं को मिला है नोटिस?

अनुशासन समिति द्वारा जिन तीन बागी नेताओं को नोटिस थमाया गया है, उनमें संगरूर जिले के दो पूर्व जिला अध्यक्ष—रंदीप सिंह देओल और मनिंदर सिंह कपियल—के साथ-साथ पार्टी के पूर्व प्रदेश समन्वयक जतिंदर कालड़ा भी शामिल हैं। इन तीनों नेताओं ने पिछले दिनों पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर खुलकर मोर्चा खोला था, जिसके बाद संगठन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।

संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खोला था मोर्चा

हाल ही में संगरूर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर इन बागी नेताओं (रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल और जतिंदर कालड़ा) ने पंजाब भाजपा के शीर्ष राज्य नेतृत्व के खिलाफ तीखे हमले किए थे। इन नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि पंजाब भाजपा के संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु ने पार्टी के संविधान और नियमों का उल्लंघन करके छह जिला अध्यक्षों को उनके पदों से हटाया है।

इस कथित मनमाने फैसले के विरोध में इन नेताओं ने 29 अगस्त से ‘पंजाब भाजपा बचाओ यात्रा’ निकालने और व्यापक स्तर पर प्रदर्शन करने का खुला ऐलान किया था। इसके अलावा, उन्होंने पटियाला में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी में आयोजित एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक में संगरूर जोन के असंतुष्ट नेताओं को आमंत्रित न किए जाने पर भी कड़ा एराज जताया था। पार्टी के खिलाफ जाकर इस तरह का रुख अपनाने को अनुशासन समिति ने स्पष्ट रूप से बगावत करार दिया है।

अनुशासन समिति ने बताई पार्टी की छवि को नुकसान की बात

भारतीय जनता पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष सोम प्रकाश की ओर से जारी किए गए इस नोटिस में कहा गया है कि इन नेताओं के इस प्रकार के सार्वजनिक आचरण और बयानों से प्रथम दृष्टया पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और आंतरिक संगठनात्मक छवि को भारी नुकसान पहुंचा है। पार्टी संगठन ने इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए कड़ा संज्ञान लिया है।

नोटिस के माध्यम से इन तीनों नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे नोटिस मिलने के बाद तय समयसीमा के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। उनसे यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि पार्टी अनुशासन के इस गंभीर उल्लंघन और संगठन की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए क्यों न उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई (बहिष्करण या निष्कासन) की जाए।

राज्य में आगामी राजनीतिक गतिविधियों से पहले पार्टी के भीतर मचे इस घमासान और कड़े एक्शन ने एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

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