Punjab News: कुल्लू के किसानों को बड़ी खुशखबरी, ‘अमरफल’ की पहली खेप देश के बाजारों के लिए रवाना

उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार के मार्गदर्शन में, बिजनेस डिवैल्पमैंट यूनिट (BDU) के विशेष प्रयासों से अब 'पर्सिमोन' (अमरफल) फलों की रेल मार्ग से ढुलाई शुरू हो गई है।

Punjab News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 14, 2026

Punjab News: हिमाचल प्रदेश की ठंडी और सुरम्य कुल्लू घाटी अब न केवल सेब के लिए, बल्कि एक नए और औषधीय गुणों से भरपूर फल ‘पर्सिमोन’ (Persimmon) के कारण भी देश भर में अपनी पहचान बना रही है। इस विदेशी मूल के फल को, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘अमरफल’ या ‘जापानी फल’ भी कहा जाता है, अब देश के बड़े और दूरदराज के बाजारों तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। हाल ही में, लुधियाना रेलवे स्टेशन से पर्सिमोन की पहली बड़ी खेप को रेल मार्ग द्वारा हावड़ा के लिए रवाना किया गया। यह पहल हिमाचल के बागवानों के लिए आय के नए द्वार खोलेगी।

Punjab News: पंजाब के फाजिल्का थाने में धमाका, मौके पर पहुंची पुलिस; क्षेत्र सील

फिरोजपुर मंडल का प्रयास

Punjab News
कुल्लू के किसानों को बड़ी खुशखबरी

यह उपलब्धि उत्तर रेलवे के फिरोजपुर रेल मंडल के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। मंडल प्रबंधक संजीव कुमार के कुशल मार्गदर्शन और प्रेरणा से, फिरोजपुर मंडल की बिजनेस डिवैल्पमैंट यूनिट (BDU) ने बागवानी क्षेत्र से नया माल यातायात प्राप्त करने में विशेष सफलता हासिल की है। BDU की टीम ने हिमाचल प्रदेश के किसानों और व्यापारियों से संपर्क साधा और उन्हें अपने उत्पाद को सुरक्षित और तेजी से बाजार तक पहुँचाने के लिए भारतीय रेलवे की पार्सल सेवा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इसी का परिणाम है कि आज पर्सिमोन जैसे नाशवान फल की ढुलाई रेल मार्ग से संभव हो पाई है।

लुधियाना से हावड़ा तक का सफर

Punjab News
कुल्लू के किसानों को बड़ी खुशखबरी

लुधियाना रेलवे स्टेशन से रवाना की गई यह पहली खेप काफी महत्वपूर्ण है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस खेप में कुल 2,600 किलोग्राम (2.6 टन) पर्सिमोन फलों को लोड किया गया। इन फलों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष रूप से पैक किया गया था, जिसके कुल 98 पैकेट बनाए गए थे। इस खेप का अंतिम गंतव्य पश्चिम बंगाल का हावड़ा स्टेशन है। रेल द्वारा परिवहन के कारण यह फल कम समय में और बिना खराब हुए सीधे बड़े उपभोक्ता बाजारों तक पहुँचेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।

जलवायु परिवर्तन में किसानों के लिए वरदान

Punjab News
कुल्लू के किसानों को बड़ी खुशखबरी

पर्सिमोन को ‘अमरफल’ या ‘जापानी फल’ के नाम से जाना जाता है। यह केवल स्वाद में ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत गुणकारी है। यह फल विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जबकि इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है।

बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के दौर में, जहाँ पारंपरिक सेब की खेती पर संकट मंडरा रहा है, वहीं पर्सिमोन सेब की तुलना में अधिक जलवायु-अनुकूल साबित हो रहा है। कुल्लू सहित हिमाचल के अन्य ठंडे बागवानी क्षेत्रों के किसान अब तेजी से इसकी खेती अपना रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि इसमें सेब की तुलना में लागत कम आती है, इसकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसकी घरेलू मांग में लगातार वृद्धि हो रही है।

अन्य प्रमुख शहरों तक विस्तार

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/फ्रेट, परमदीप सिंह सैनी ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि फिरोजपुर मंडल की माल परिवहन व्यवस्था व्यापारियों के लिए अत्यधिक विश्वसनीय और समयबद्ध है। रेलवे का लक्ष्य न केवल माल यातायात को बढ़ाना है, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सेवाएं भी प्रदान करना है।

वर्तमान में, लुधियाना से पर्सिमोन की खेप मुख्य रूप से हावड़ा, कोलकाता और सियालदह जैसे शहरों में भेजी जा रही है। हालांकि, रेलवे की योजनाएं यहीं नहीं रुकती हैं। आने वाले दिनों में, इन फलों को पटना और गुवाहाटी जैसे अन्य प्रमुख भारतीय गंतव्यों तक भी पहुँचाने का विस्तार किया जाएगा, जिससे हिमाचल के ‘अमरफल’ की पहुँच देश के कोने-कोने तक सुनिश्चित हो सके।

Punjab News: CM फेस को लेकर पंजाब कांग्रेस में घमासान, पायलट ने चन्नी गुट को चेताया