
Punjab News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (20 अक्टूबर, 2026) को पंजाब के लुधियाना से ‘नशा-मुक्त पंजाब’ का जोरदार आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब के मानसा, गुरदासपुर और संगरूर जिलों का दौरा करने का जिक्र करते हुए राज्य की भगवंत मान सरकार को कानून-व्यवस्था और नशे के कारोबार को लेकर आड़े हाथों लिया। अमित शाह ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर जो जमीनी हकीकत जानी है, उसने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया है।
Amit Shah Punjab Visit: विक्रमजीत के घर पहुंचे अमित शाह, परिवार को न्या
‘इन तीनों मौतों और बर्बादी का क्या जवाब है?’

गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने आज मानसा, गुरदासपुर और संगरूर का दौरा किया है। गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा जिले के परविंदर सिंह झोटा, इन तीनों की नशे के खिलाफ मुखर आवाज उठाने की वजह से या तो हत्या कर दी गई या उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आप सरकार ने पूरे पंजाब को अंधेरे के गर्त में धकेल दिया है। उन्होंने सवाल किया कि किसी ने अपना जवान बेटा खोया है, किसी ने भाई तो किसी ने अपना सुहाग और पति खोया है, इन सबका पंजाब की इस सत्ताधारी सरकार के पास क्या जवाब है?
‘मुझे अपशब्द कहने से कुछ नहीं होगा, नशे का कारोबार खत्म करिए’

अमित शाह ने अपने पिछले दौरों और उन पर लगे राजनीतिक आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह पहले पंजाब आए थे और बीजेपी की ‘नशा-मुक्त पंजाब’ रैली को संबोधित किया था, तब उन पर उल्टे आरोप मढ़े गए थे। उन्होंने कहा कि आज भी उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था, वह केवल पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने आए थे, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “मुझे अपशब्द कहने से कुछ नहीं होगा। अगर उससे आपको संतुष्टि मिलती है, तो शौक से लीजिए, लेकिन पंजाब से चिट्ठे और नशे के इस काले कारोबार को जड़ से समाप्त करिए।”
‘3 महीने के वादे वाले 5 साल में भी फेल’
पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह सरकार महज 3 महीने में नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने का बड़ा वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब 5 साल बीत जाने के बाद भी राज्य में नशा लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि अब पुलिस के सिपाही भी इसके दायरे में पकड़े जा रहे हैं, जिनके पास से 10 से 12 किलो तक हेरोइन बरामद हो रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस अवैध धंधे का विरोध करते हैं, उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है या आत्महत्या करने के लिए विवश होना पड़ता है।
‘मुख्यमंत्री भगवंत मान बाकी केस भी सीबीआई को सौंपें’

अमित शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर प्रहार करते हुए कहा कि वे अक्सर गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से ड्रग्स आने का आरोप लगाते हैं, जबकि वहां तो एजेंसियों ने हजारों करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि समुद्र के रास्ते आने वाली वो ड्रग्स आखिर पंजाब के गांवों और युवाओं तक छोटी-छोटी पुड़िया बनकर कैसे पहुंच रही है? क्या यह बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के संभव है? कतई नहीं!
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने आज ही एक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। गृह मंत्री ने पंजाब की जनता से वादा किया कि उस केस में जो भी आरोपी होगा, चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे कानून के कटघरे में लाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने सीएम भगवंत मान से यह अपील भी की कि यदि उनसे कानून-व्यवस्था नहीं संभल रही है, तो बाकी के दोनों मामले भी सीबीआई को सौंप दें, क्योंकि पीड़ित परिवारों की भी यही मुख्य मांग है।
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