
Amit Shah Punjab Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को अपने पंजाब दौरे के दौरान सबसे पहले गुरदासपुर जिले के माड़ी पन्नवां गांव पहुंचे। यहां उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले मृतक विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिया। करीब 15 मिनट तक चली इस मुलाकात के दौरान गृह मंत्री ने परिजनों की पूरी बात को गंभीरता से सुना। परिवार के अनुसार, इस दौरान गृह मंत्री ने मामले की जांच सीबीआई से कराने, आर्थिक सहायता प्रदान करने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का स्पष्ट आश्वासन दिया है।
punjab News: रामराज्य को लेकर CM नायब सैनी का संदेश, सुरक्षा को बताया पहला कदम
मां के पैर छूकर बंधाया ढांढस और लिया मांगपत्र

मुलाकात के दौरान एक बेहद भावुक पल तब देखने को मिला, जब अमित शाह ने विक्रमजीत सिंह की बुजुर्ग मां सुरजीत कौर के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें ढांढस बंधाया। इस5 मुलाकात में पीड़ित परिवार ने गृह मंत्री को एक विस्तृत मांगपत्र भी सौंपा, जिसमें मामले की पूरी निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि अमित शाह ने खुद उस मांगपत्र को ध्यान से पढ़ा और उसे अपने साथ सुरक्षित ले गए। विक्रमजीत की बहन ने मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि गृह मंत्री ने परिवार के हर सदस्य से विस्तार से चर्चा की और उनकी सभी मांगों पर बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। परिवार ने अब इस बात की गहरी उम्मीद जताई है कि सीबीआई जांच बैठने से इस पूरे मामले की परतें खुलेंगी और दोषियों को कड़ी सजा मिल सकेगी।
क्या है पूरा मामला और हत्या की पृष्ठभूमि?
यह पूरी घटना 15 अक्तूबर की है, जब 40 वर्षीय विक्रमजीत सिंह की माड़ी पन्नवां गांव में कुछ लोगों द्वारा धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती तौर पर यह बात सामने आई थी कि विक्रमजीत नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का लगातार विरोध कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत निशाना बनाया गया। हालांकि, पुलिस ब्यानों में कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी कहना था कि विवाद मोटरसाइकिल को लेकर हुआ था, लेकिन मुख्य आरोपी नशे के काले कारोबार में लिप्त बताए गए हैं।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से ही पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस गंभीर घटना के तूल पकड़ने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी पंजाब में नशे से जुड़ी हालिया तीन प्रमुख मौतों के मामलों पर राज्य सरकार से पूरी रिपोर्ट तलब की थी।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और विरोध प्रदर्शन
गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े और व्यापक प्रबंध किए थे। कुछ किसान संगठनों ने गृह मंत्री के इस दौरे का विरोध जताते हुए प्रदर्शन करने का प्रयास भी किया, लेकिन चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदर्शनकारियों को मुलाकात स्थल के आसपास तक नहीं आने दिया गया।
पंजाब के डीजीपी एम.एफ. फारूकी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दौरे की सुरक्षा के लिए लगभग 1,200 से 1,300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस बल ने मुलाकात स्थल के साथ-साथ पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था की समस्या से बचा जा सके।
पंजाब में नशे का मुद्दा और गर्माई सियासत

पंजाब में लगातार बढ़ती नशे की समस्या और इससे जुड़े आपराधिक मामलों को लेकर राज्य में सियासी पारा काफी हाई है। भारतीय जनता पार्टी ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों की हत्याओं के बहाря राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर पंजाब सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ऐसे संवेदनशील माहौल में देश के गृह मंत्री का खुद प्रभावित परिवारों से मिलना इस गंभीर मुद्दे पर केंद्र सरकार की एक बड़ी राजनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल विक्रमजीत सिंह के परिवार को केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद सीबीआई जांच से न्याय मिलने की आस बंध गई है, और अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि इन घोषणाओं पर प्रशासनिक और आधिकारिक स्तर पर कब और कैसे अमल किया जाता है।
Punjab News: अमित शाह के पंजाब दौरे की तैयारियां तेज, सामने आया पूरा शेड्यूल











