Pune Factory Gas Leak: महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां गंगाधाम चौक स्थित एक केमिकल कंपनी में देर रात हुए गैस रिसाव (Gas Leakage) ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों के बीच हड़कंप मचा दिया। इस घटना के कारण आसपास के वातावरण में जहरीली हवा फैल गई, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कंपनी की टंकी से हुआ रिसाव
जानकारी के अनुसार, यह घटना कंपनी परिसर में स्थित एक स्टोरेज टैंक से शुरू हुई। गैस रिसाव के कारण सांस लेने में तकलीफ (Respiratory Distress) की शिकायतें तेजी से बढ़ने लगीं। देखते ही देखते करीब 24 नागरिक इसकी चपेट में आ गए। जैसे ही हवा में केमिकल की गंध फैली, पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रभावित लोगों ने सीने में जलन और घबराहट की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
बचाव कार्य में जुटे अग्निशमन दल के जवानों की तबीयत बिगड़ी
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन (Fire Department Emergency Response) शुरू किया गया। दमकल विभाग के करीब 30 जवानों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। खतरनाक गैस से बचने के लिए जवानों ने बीए सेट (Breathing Apparatus) का उपयोग किया। हालांकि, बचाव कार्य की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ऑपरेशन के दौरान एक अधिकारी और एक जवान की भी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें भी तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल, दमकल विभाग की मुस्तैदी से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है।
मासूम बच्चों पर गैस का असर
इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि प्रभावितों में 6 छोटे बच्चे (Pediatric Exposure) भी शामिल हैं। गैस के तीव्र प्रभाव के कारण बच्चों को सांस लेने में काफी कठिनाई हुई। कोंढवा और गंगाधाम चौक के आसपास रहने वाले लोग इस कदर डर गए कि उन्होंने पूरी रात अपने घरों के बाहर ही गुजारी। लोगों में दहशत इतनी थी कि वे बंद कमरों के भीतर जाने से भी कतरा रहे थे। राहत की बात यह है कि अस्पताल में भर्ती बच्चों और अन्य नागरिकों की स्थिति में अब सुधार देखा जा रहा है।
फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासियों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए केमिकल फैक्ट्री प्रबंधन की अनदेखी (Industrial Negligence) को जिम्मेदार ठहराया है। नागरिकों का आरोप है कि कंपनी में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। वर्तमान में सभी 24 मरीजों का ससून अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या कंपनी के पास संचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र मौजूद थे या नहीं।









