Priyanka Gandhi Slams Center: संसद में महिला आरक्षण को लेकर जारी घमासान के बीच कांग्रेस की फायरब्रांड नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे ‘नीतियों की विफलता’ करार दिया और स्पष्ट किया कि अब देश की महिलाएं केवल वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं हैं।
सरकार की नीतियों को लगा करारा राजनीतिक झटका
बताते चले कि, प्रियंका गांधी ने मौजूदा संसदीय स्थिति को केंद्र सरकार के लिए एक आईना बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार को घेरा जा रहा है, वह यह साबित करता है कि अब उनकी रणनीतियां विफल हो रही हैं। प्रियंका के अनुसार, यह घटनाक्रम सरकार के लिए एक बड़ा सियासी सेटबैक है, जिसने सत्ता पक्ष की नीतियों की असलियत जनता के सामने लाकर रख दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों को अब और अधिक समय तक ठंडे बस्ते में नहीं डाला जा सकता।
महिला सशक्तिकरण के नाम पर केवल प्रचार अब नहीं चलेगा
कांग्रेस सांसद ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि आज के दौर में देश की महिलाएं पहले से कहीं अधिक जागरूक और सजग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल मीडिया मैनेजमेंट और विज्ञापन के जरिए अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन धरातल पर चुनौतियां कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। प्रियंका ने कहा कि महिलाएं अब हर सरकारी फैसले को बारीकी से देख रही हैं और वे केवल नारों से प्रभावित होने वाली नहीं हैं, बल्कि उन्हें ठोस परिणाम चाहिए।
दिखावे की राजनीति छोड़ ठोस निर्णय ले केंद्र सरकार
बदलाव की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि वास्तविक परिवर्तन केवल निर्णायक कार्रवाई से ही संभव है, न कि कोरी घोषणाओं से। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किए गए महिला आरक्षण कानून को बिना किसी देरी के प्रभावी बनाया जाना चाहिए। प्रियंका ने सुझाव दिया कि यदि इसके कार्यान्वयन में कोई तकनीकी पेच या अड़चनें आ रही हैं, तो सरकार को छोटे संशोधनों के माध्यम से उन्हें तुरंत दूर करना चाहिए ताकि महिलाओं को उनका हक मिल सके।
विपक्षी एकता की शक्ति और लोकतंत्र की महान जीत
प्रियंका गांधी ने लोकसभा में हुई हालिया हलचल को लोकतंत्र और विपक्षी एकजुटता की बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की योजना महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का सहारा लेकर सत्ता पर अपनी पकड़ स्थायी रूप से बनाए रखने की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष ऐसी किसी भी साजिश का समर्थन नहीं करेगा जो आरक्षण के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश हो। प्रियंका ने अंत में कहा कि अगर सरकार वास्तव में गंभीर है, तो उसे 2023 के कानून को तत्काल जमीन पर उतारना चाहिए।









