NEET UG 2026 Exam Cancelled: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने और परीक्षाओं के रद्द होने को लेकर राजनीतिक गलियारे से लेकर सड़कों तक आक्रोश है। इस संवेदनशील मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र और राज्य सरकारों को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली की कमियों को उजागर करते हुए इसे देश के युवाओं के सपनों की हत्या करार दिया है।
सिस्टम के भीतर से ही लीक होते हैं प्रश्नपत्र
प्रियंका चतुर्वेदी ने पेपर लीक के पीछे एक गहरे नेटवर्क की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं बिना प्रशासनिक मिलीभगत के संभव नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा: “छात्र एक परीक्षा के लिए पूरे एक साल तक कड़ी तैयारी करते हैं। यह कोई आसान परीक्षा नहीं है, बल्कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। वे पूरी शिद्दत और दिन-रात मेहनत करके परीक्षा केंद्रों पर आते हैं, और फिर उन्हें अचानक पता चलता है कि उनका पेपर रद्द कर दिया गया है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी इस तरह का कोई बड़ा रैकेट या नेक्सस काम करता है, तो पेपर हमेशा सिस्टम के अंदर बैठे लोगों की मदद से ही लीक होता है। उन्होंने बताया कि पीड़ित अभिभावकों की लगातार मांग के बाद अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई है, जिससे सख्त कार्रवाई की उम्मीद बंधी है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और मानसिक प्रताड़ना
पेपर लीक के कारण छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक और भावनात्मक असर पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक विफलता मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो बच्चे इस धांधली के कारण डिप्रेशन में चले गए, जिन्होंने मानसिक दबाव में आकर अपनी जान गंवा दी, उसके लिए सीधे तौर पर व्यवस्था जिम्मेदार है। उन्होंने इसे ‘सिस्टम प्रायोजित मर्डर’ (System-Sponsored Murder) करार दिया। उनके अनुसार, यह केवल किसी परीक्षा का रद्द होना नहीं है, बल्कि उन होनहार बच्चों के भविष्य, उनके बड़े सपनों और उनके इरादों की हत्या है, जिसकी सुरक्षा करने में मौजूदा सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।










