राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारी, फाइनल वोटर लिस्ट से पता चले कितने वोटर करेंगे चुनाव

जयपुर  राजस्थान में पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने  पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार, प्रदेश में अब कुल 4 करोड़ 2 लाख 20 हजार 734 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। माना जा रहा है कि प्रदेश की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। मतदाताओं की संख्या में बड़ा इजाफा राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद प्रदेश में कुल

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 27, 2026

जयपुर
 राजस्थान में पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने  पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार, प्रदेश में अब कुल 4 करोड़ 2 लाख 20 हजार 734 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। माना जा रहा है कि प्रदेश की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। मतदाताओं की संख्या में बड़ा इजाफा राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद प्रदेश में कुल 5 लाख 73 हजार 568 नए वोटर्स बढ़े हैं।

बांसवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा 4.55% मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है।
फलोदी जिला 4.46% की बढ़ोतरी के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
सबसे कम वृद्धि टोंक (0.04%) और श्रीगंगानगर (0.19%) जिलों में देखी गई।
आयोग के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को जारी प्रारूप सूची पर प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद 13.66 लाख नए नाम जोड़े गए, जबकि 7.92 लाख नाम हटाए गए हैं।

जयपुर में 18 लाख से अधिक वोटर्स
राजधानी जयपुर की बात करें तो यहाँ की 22 पंचायत समितियों में करीब 18.91 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। इन समितियों के अंतर्गत आने वाली सभी 597 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, जहाँ जल्द ही मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी।

कार्यकाल और आरक्षण की स्थिति
वर्तमान में प्रदेश की 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल अभी शेष है, जो सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में पूरा होगा।

ओबीसी आरक्षण पर संशय : चुनावों में ओबीसी वर्ग के आरक्षण के निर्धारण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का अभी इंतजार है। यदि आयोग समय पर रिपोर्ट पेश नहीं करता है, तो सरकार पुराने आरक्षण प्रावधानों के आधार पर ही चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।

Leave a Comment