Prayagraj Cold Storage Accident: मलबे में दबीं कई जिंदगियां, अंसार अहमद के बेटों समेत 12 पर केस

प्रयागराज के फाफामऊ में 'आदर्श कोल्ड स्टोरेज' की जर्जर छत गिरने से 4 मजदूरों की मौत हो गई और 17 घायल हैं। हादसे के बाद अमोनिया गैस रिसाव से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पूर्व मंत्री अंसार अहमद समेत 12 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। मलबे के नीचे अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 24, 2026

Prayagraj Cold Storage Accident: संगम नगरी के फाफामऊ इलाके में सोमवार को हुए ‘आदर्श कोल्ड स्टोरेज’ हादसे ने पूरे उत्तर प्रदेश को दहला दिया है। 27 साल पुरानी जर्जर इमारत के गिरने से अब तक 4 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मंगलवार को दूसरे दिन भी राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) युद्धस्तर पर जारी है, जहां जेसीबी और बुलडोजर की मदद से कंक्रीट के मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों की तलाश की जा रही है।

धमाके के साथ ढही जर्जर इमारत

आपको बता दे कि, सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे फाफामऊ का औद्योगिक क्षेत्र सामान्य कामकाज में व्यस्त था, तभी एक कान फाड़ देने वाले धमाके ने धरती हिला दी। चश्मदीदों के अनुसार, कोल्ड स्टोरेज की दशकों पुरानी और जर्जर बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाकों में लोगों को लगा जैसे कोई बम फटा हो।

इमारत गिरने के तुरंत बाद चारों तरफ धूल का गुबार छा गया और कोल्ड स्टोरेज के प्लांट से अमोनिया गैस का तीव्र रिसाव (Ammonia Gas Leak) शुरू हो गया। इस जहरीली गैस की वजह से राहत कार्य में जुटे लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत हुई, जिससे स्थिति और भी खौफनाक हो गई। प्रशासन ने आनन-फानन में गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाई।

सौ से अधिक मजदूरों की जान बची

हादसे के समय कोल्ड स्टोरेज परिसर में लगभग 110 मजदूर मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर यह भीषण दुर्घटना लंच ब्रेक (दोपहर 1 से 2 बजे के बीच) के दौरान न हुई होती, तो मृतकों का आंकड़ा 100 के पार जा सकता था। सौभाग्य से, अधिकांश मजदूर खाना खाने के बाद परिसर से बाहर टहलने, चाय पीने या आराम करने निकल गए थे।

मलबे की चपेट में केवल वही बदनसीब श्रमिक आए जो भोजन करने के बाद बिल्डिंग के ठंडे हिस्से में सुस्ताने के लिए लेट गए थे। इन्हीं 25-30 लोगों पर छत और भारी दीवारें काल बनकर गिरीं। वर्तमान में घायल मजदूर स्वरूपरानी नेहरू (SRN) और बेली अस्पताल में अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

भावुक कर देने वाली दास्तान

इस त्रासदी के बीच ममता की एक अटूट मिसाल भी देखने को मिली। 3 साल के मासूम कार्तिक उर्फ गुड्डू की मां रंजना, जो वहां कपड़े धोने का काम करती थी, धमाके के बाद अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे के ढेर में कूद गई। रंजना ने अपने इकलौते लाल को सुरक्षित बाहर निकाला, जो फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। रंजना पहले ही अपने पति को खो चुकी है और अब उसका पूरा संसार अस्पताल के बेड पर सिमटा हुआ है। उसकी सिसकियों ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।

सपा नेता अंसार अहमद पर कानूनी कार्रवाई

इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कोल्ड स्टोरेज के मालिक और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता, पूर्व पशुपालन मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान समेत 12 लोगों के खिलाफ फाफामऊ थाने में गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज (Legal Action and FIR) की गई है। पुलिस ने पूर्व मंत्री के दो भतीजों समेत 4 लोगों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अंसार अहमद की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

हादसे पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये का सरकारी मुआवजा (Financial Compensation) प्रदान किया जाएगा।