Prayagraj News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर एफआईआर दर्ज, यौन शोषण का लगा आरोप

प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट के स्पेशल जज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ 173(4) के तहत दाखिल अर्जी को मंजूर करते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।

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Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 22, 2026

Prayagraj News: प्रयागराज में झूंसी थाना क्षेत्र में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई उन पर बच्चों का यौन शोषण करने के आरोपों के मामले में हुई है। शनिवार को एडीजे पोक्सो एक्ट, विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने पुलिस को मामले की विवेचना विधि अनुसार करने का आदेश भी दिया।

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मामला और कोर्ट की कार्रवाई

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर एफआईआर दर्ज

यह मामला श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने पोक्सो एक्ट की धारा 173(4) के तहत आवेदन दिया था और FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान 13 फरवरी को अदालत में वीडियोग्राफी के माध्यम से दर्ज किए गए थे।

कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को संज्ञान में लिया और सुनवाई के बाद FIR दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद झूंसी थाना पुलिस ने पोक्सो एक्ट की धारा 5/6 समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।

पुलिस और जांच प्रक्रिया

FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत सभी संबंधित तथ्यों और सबूतों की गहन पड़ताल की जाएगी। कोर्ट के आदेश के अनुसार यह जांच पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

शिकायतकर्ता की प्रतिक्रिया

आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उन्होंने कथित घटनाओं से संबंधित सीडी अदालत में सौंप दी है। उनका कहना है कि उन्हें न्याय मिला है और वे इसे समाज के सामने उजागर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रयागराज से वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे ताकि जनता के सामने सच्चाई रखी जा सके।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष

अदालत के आदेश के कुछ घंटों बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपना बयान जारी किया। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। उनका कहना है कि FIR दर्ज होना केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और असली सच जांच के दौरान ही सामने आएगा।

स्वामी ने शिकायतकर्ता की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया और कहा कि जिन्होंने उनके खिलाफ आरोप लगाए हैं, उनका खुद का इतिहास संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका उद्देश्य पैसे वसूलना है और झूठे मामले दर्ज करना है। स्वामी ने न्यायपालिका में भरोसा जताया और कहा कि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह किसी दबाव में नहीं आएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बिना डर के बोलते रहेंगे और उन्हें विश्वास है कि सच्चाई विजयी होगी।

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