पंजाब में गरीब परिवारों को घर बनाना होगा मुश्किल

समराला. पंजाब के भट्ठा मालिकों ने गुजरात के कांडला पोर्ट पर कब्ज़ा हटाने के लिए केंद्रीय मंत्री को एक मेमोरेंडम दिया है, उनका आरोप है कि वे कोयला माफी से नाखुश हैं। भट्ठा मालिकों का कहना है कि पंजाब के भट्ठा मालिक पहले से ही महंगाई की वजह से अपना बिज़नेस चलाने में बड़ी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और अब कोयला माफिया की वजह से उनके बिज़नेस पर फिर से ताला लगने का खतरा मंडरा रहा है। यह नई समस्या गुजरात के कांडला बंदरगाह पर वहां के कोयला माफिया का कब्ज़ा है। इस कोयला माफिया ने कांडला पोर्ट

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Published On :

फ़रवरी 15, 2026

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समराला.

पंजाब के भट्ठा मालिकों ने गुजरात के कांडला पोर्ट पर कब्ज़ा हटाने के लिए केंद्रीय मंत्री को एक मेमोरेंडम दिया है, उनका आरोप है कि वे कोयला माफी से नाखुश हैं। भट्ठा मालिकों का कहना है कि पंजाब के भट्ठा मालिक पहले से ही महंगाई की वजह से अपना बिज़नेस चलाने में बड़ी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और अब कोयला माफिया की वजह से उनके बिज़नेस पर फिर से ताला लगने का खतरा मंडरा रहा है।

यह नई समस्या गुजरात के कांडला बंदरगाह पर वहां के कोयला माफिया का कब्ज़ा है। इस कोयला माफिया ने कांडला पोर्ट से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भट्ठों को कोयले की सप्लाई रोक दी है, जिसकी वजह से इन राज्यों में ईंट के भट्ठे पिछले 15 दिनों से पूरी तरह से बंद पड़े हैं।
इस संबंध में भट्ठा एसोसिएशन लुधियाना की एक मीटिंग प्रधान अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में बुलाई गई। इसमें ऑल इंडिया भट्ठा एसोसिएशन के प्रधान ओम वीर सिंह का धन्यवाद किया गया, जिन्होंने भारत सरकार के कोयला मंत्री से मीटिंग की और उन्हें इस समस्या के बारे में बताया।

डेलीगेशन ने कोयला मंत्री को बताया कि कोल माफिया ने मनमाने ढंग से एक कोयले के ट्राले की कीमत 2 लाख रुपये बढ़ा दी है, जो सरासर धक्केशाही है। इससे ईंटें गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की पहुंच से दूर हो जाएंगी और उनके लिए घर बनाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कोयला मंत्री ने डेलीगेशन को भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर रिव्यू किया जाएगा और जल्द से जल्द इसका हल निकाला जाएगा।
दिल्ली में बुलाई गई मीटिंग में पंजाब के प्रधान हरमेश सोही हरियाणा, उत्तर प्रदेश द्वारा सांझे तौर पर कहा कि अगर भारत सरकार ने कोल माफिया पर नकेल नहीं कसी तो सभी बिजनेस बंद होने की कगार पर आ जाएंगे, जो सही नहीं होगा।

इस मौके पर लाडी कटानी, बब्बू साहनेवाल, हरदीप सोखी जनरल सेक्रेटरी, केवल कृष्ण अरोड़ा, सरबजीत ढिल्लों, प्रितपाल पनेसर, इंद्रजीत मुल्लांपुर, अवतार सिंह मान, हरतेज गरचा, हरपाल सिंह खन्ना, कुलदीप खुल्लर, विनोद खन्ना, कुलवीत पुरी, रविंदर पुरी और अमित घुंगराना ने भी मांग पत्र देने गए डेलीगेशन का पुरजोर समर्थन किया। 

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