सत्ता के सेमीफाइनल में पंजाब की सियासत गरमाई, निकाय चुनाव में सभी दलों की साख दांव पर

चंडीगढ़  सत्ता का सेमीफाइनल माने जाने वाले पंजाब के निकाय चुनाव में सभी दलों के दिग्गज खूब पसीना बहा रहे हैं क्योंकि उनकी साख दांव पर है।  भाजपा, कांग्रेस, शिअद और आप के सभी वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक व सांसद चुनावी रण में अपने-अपने प्रत्याशियों को जितवाने लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। चूंकि अब चुनाव को सिर्फ तीन दिन बचे हैं लिहाजा सभी दिग्गज अपने साथियों के साथ प्रचार अभियान में जुटे हैं। पंजाब में 26 मई को 105 नगर निकायों के चुनाव होने हैं इनमें 8 नगर निगम और 97 नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं। 29

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Published On :

मई 23, 2026

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चंडीगढ़ 
सत्ता का सेमीफाइनल माने जाने वाले पंजाब के निकाय चुनाव में सभी दलों के दिग्गज खूब पसीना बहा रहे हैं क्योंकि उनकी साख दांव पर है।  भाजपा, कांग्रेस, शिअद और आप के सभी वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक व सांसद चुनावी रण में अपने-अपने प्रत्याशियों को जितवाने लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। चूंकि अब चुनाव को सिर्फ तीन दिन बचे हैं लिहाजा सभी दिग्गज अपने साथियों के साथ प्रचार अभियान में जुटे हैं।

पंजाब में 26 मई को 105 नगर निकायों के चुनाव होने हैं इनमें 8 नगर निगम और 97 नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं। 29 मई को परिणाम आएगा जो करीब आठ महीने बाद सूबे में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए एक आधार तय करेगा। चूंकि यह पूरा चुनाव शहरी वोटर पर आधारित है इसलिए राजनीतिक पार्टियां ज्यादा सतर्क हैं। वे जानती हैं कि ये चुनाव पंचायती चुनाव की तरह जातियों व समुदायों की सियासत के घेरे से बाहर रहेंगे।

दलों ने उतारी दिग्गजों की फाैज
राजनीतिक मामलों के जानकार परमजीत सिंह भी कहते हैं कि शहरी वोटर पढ़ा-लिखा व विकास का पक्षधर होता है। शहर की बुनियादी सुविधाएं उनकी बड़ी अपेक्षाओं में शामिल होती हैं और वे जाति-लिंग की सीमाओं को पार करते हुए मतदान करता है इसीलिए सभी दलों ने शहरी वोटरों को रिझाने के लिए अपने दिग्गजों की फौज उतारी है।

भाजपा की रणनीतिक बैठकें, सुखबीर ने खुद संभाला मोर्चा
भाजपा ने अपने प्रदेश स्तरीय सभी पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को विभिन्न जिलों के निकायों की जिम्मेदारियां सौंपी रखी हैं। इनके अलावा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू भी बतौर स्टार प्रचारक विभिन्न जिलों में रणनीतिक बैठकें कर प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं की मेहनत को जीत में बदलने की कोशिशों में लगे हैं।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है। उनके साथ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा और बिक्रम सिंह मजीठिया को भी कई जिलों की जिम्मेदारियां सौंपी गई है। सुखबीर तो प्रत्याशियों के बुलावे पर जनसभाएं कर मतदाताओं को अकाली दल के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं।

उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक परगट सिंह समेत अन्य विधायक और सांसद भी अपने प्रत्याशियों को जितवाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं।

आप के मंत्रियों, विधायक की परफॉर्मेंस होगी तय
निकाय चुनाव आम आदमी पार्टी के मंत्रियों व विधायकों की परफाॅर्मेंस तय करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी विधायकों और मंत्रियों को उनके हलकों में स्थित निकायों को जितवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी जीत या हार से पार्टी यह मालूम करना चाहती है कि उनके विधायकों व मंत्रियों की साढ़े चार साल में अपने-अपने क्षेत्रों के मतदाताओं पर कितनी पकड़ है। कुछ माह पूर्व हुए पंचायत चुनाव और अब निकाय चुनाव के परिणामों को आधार बनाकर ही आप आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों का बंटवारा करेगी। खराब प्रदर्शन वाले वाले विधायकों का टिकट भी कट सकता है।

 

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