चुनाव चिन्ह मिलते ही हजारीबाग में मेयर पद को लेकर सियासत गरमाई

 हजारीबाग  हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में महापौर पद के लिए चुनावी मुकाबला अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुका है। जैसे ही सभी प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए, वैसे ही चुनावी माहौल गर्म हो गया। प्रत्याशियों में आत्मविश्वास दिखने लगा है, वहीं समर्थकों में जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद समर्थकों में उत्साह निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी सूची के अनुसार अलग-अलग प्रत्याशियों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह मिले हैं। अमरेन्द्र नारायण को एयर कंडीशनर, अरविंद कुमार उर्फ अरविंद राणा को छड़ी, मोहम्मद तसलीम अंसारी को चूड़ियां, बिनोद कुमार को बैटरी टार्च, विकास कुमार राणा

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Published On :

फ़रवरी 8, 2026

 हजारीबाग

 हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में महापौर पद के लिए चुनावी मुकाबला अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुका है। जैसे ही सभी प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए, वैसे ही चुनावी माहौल गर्म हो गया। प्रत्याशियों में आत्मविश्वास दिखने लगा है, वहीं समर्थकों में जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है।

चुनाव चिन्ह मिलने के बाद समर्थकों में उत्साह
निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी सूची के अनुसार अलग-अलग प्रत्याशियों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह मिले हैं। अमरेन्द्र नारायण को एयर कंडीशनर, अरविंद कुमार उर्फ अरविंद राणा को छड़ी, मोहम्मद तसलीम अंसारी को चूड़ियां, बिनोद कुमार को बैटरी टार्च, विकास कुमार राणा को बेंच, मो. सरफराज अहमद को बिस्कुट, सुदेश कुमार को बक्सा और सूरज कुमार को ईंट चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। चुनाव चिन्ह मिलते ही सभी प्रत्याशी मैदान में उतर गए हैं और अपने-अपने इलाकों में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। खास तौर पर अरविंद राणा को छड़ी चुनाव चिन्ह मिलने के बाद उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि छड़ी सिर्फ सहारे का नहीं, बल्कि नेतृत्व और मार्गदर्शन का प्रतीक है। उनका मानना है कि यह चिन्ह आम लोगों के बीच आसानी से पहचान बना सकेगा।

हर प्रत्याशी खुद को जनता का सच्चा प्रतिनिधि बताने में जुटा
नगर निगम क्षेत्र के वार्डों में अब दिन की शुरुआत राजनीति से हो रही है और दिन का अंत चुनावी चर्चाओं के साथ। गलियों और मोहल्लों में पोस्टर, बैनर और पंपलेट दिखाई देने लगे हैं। प्रत्याशी घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं, उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और विकास का भरोसा दे रहे हैं। चुनाव के दौरान सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, खराब सड़कें, स्ट्रीट लाइट, नालियों की समस्या और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख बने हुए हैं। हर प्रत्याशी खुद को जनता का सच्चा प्रतिनिधि बताने में जुटा है। चाय की दुकानों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह यही चर्चा है कि किस चुनाव चिन्ह का असर ज्यादा होगा और आखिरकार किसे महापौर की कुर्सी मिलेगी। कुल मिलाकर चुनाव चिन्हों के ऐलान के साथ ही हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में लोकतंत्र का उत्सव शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में यह चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

 

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