PoK Protests : PoK में ख्वाजा आसिफ के बयान पर सियासी बवाल, विरोध तेज और बढ़ा राजनीतिक तनाव

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में ख्वाजा आसिफ के बयान के बाद सियासी माहौल अचानक गर्म हो गया। विरोध प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। आखिर इस बयान में ऐसा क्या था जिसने पूरे क्षेत्र में नई बहस और विरोध की लहर खड़ी कर दी, जानिए पूरी रिपोर्ट।

PoK Protests

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 27, 2026

PoK Protests : पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक हालिया बयान ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के बीच गहरे राजनीतिक तनाव को जन्म दे दिया है। विवाद तब शुरू हुआ जब एक टीवी साक्षात्कार के दौरान रक्षा मंत्री ने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि PoK के मीरपुर और रावलाकोट के निवासी ‘असल कश्मीरी’ नहीं हैं। उनके इस बयान ने न केवल क्षेत्र के निवासियों को नाराज कर दिया है, बल्कि PoK की पूरी राजनीति में हलचल मचा दी है। इस टिप्पणी को कश्मीरी पहचान पर सीधा हमला माना जा रहा है।

PoK के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर का कड़ा पलटवार

ख्वाजा आसिफ के बयान के बाद PoK के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के निवासियों को अपनी पहचान साबित करने के लिए पाकिस्तान के किसी रक्षा मंत्री से प्रमाण पत्र लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। राठौर ने जोर देकर कहा कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान समाज में एकता लाने के बजाय गहरी खाई और विभाजन पैदा कर रहे हैं, जो क्षेत्र की स्थिरता के लिए घातक हो सकते हैं।

माफी की मांग और ‘बलि का बकरा’ बनाने का आरोप

विवाद के बढ़ने पर जब ख्वाजा आसिफ ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, तो उन्होंने PoK सरकार के शासन पर भी सवाल उठा दिए। इसके जवाब में प्रधानमंत्री राठौर ने रक्षा मंत्री की मंशा पर सवाल खड़े किए। राठौर ने स्पष्ट कहा कि रक्षा मंत्री विवाद से ध्यान भटकाने के लिए PoK सरकार को ‘बलि का बकरा’ बना रहे हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें राजनीतिक गरिमा है, तो उन्हें अपने मूल बयान के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। राठौर ने यह भी कहा कि अगर उन्हें सरकार के कामकाज पर आपत्ति है, तो वह पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से बात कर सकते हैं।

बिलावल भुट्टो ने लगाई फटकार, मंत्रियों पर नियंत्रण की अपील

इस पूरे प्रकरण में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी भी कूद पड़े हैं। उन्होंने संसद के भीतर ख्वाजा आसिफ की कड़ी आलोचना की। बिलावल ने कश्मीर जैसे अत्यधिक संवेदनशील मुद्दे पर मंत्रियों को संयमित भाषा का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने मंत्रियों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है, क्योंकि ऐसे बयानों से देश की कूटनीतिक स्थिति और कश्मीर के प्रति पाकिस्तान का रुख प्रभावित होता है।

माफी से इनकार: ख्वाजा आसिफ के रुख पर कायम रहने से बढ़ा विवाद

तमाम आलोचनाओं और राजनीतिक दबाव के बावजूद ख्वाजा आसिफ अपने बयान पर अड़े हुए हैं। उन्होंने साफ तौर पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। रक्षा मंत्री का कहना है कि उन्होंने जो कहा है, उस पर वे कायम हैं और वे अतीत की तरह इस बार भी माफी नहीं मांगेंगे। ख्वाजा आसिफ का यह अडियल रुख न केवल सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण बन रहा है, बल्कि PoK की जनता और प्रशासन के बीच पाकिस्तान सरकार के प्रति अविश्वास को और गहरा कर रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है।

Read More :  राम मंदिर दानपात्र विवाद गहराया, SOP उल्लंघन का दावा; ड्राइवर के पास मिलीं चाबियां