
PoK Drone Attack: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले 5 महीनों से लगातार चल रहे जन-आंदोलन को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सेना अब क्रूरता की सारी हदें पार कर चुकी है। रावलकोट इलाके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ युद्ध के मैदान में इस्तेमाल होने वाले घातक हथियारों का प्रयोग किए जाने के खौफनाक सबूत सामने आए हैं। पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (FC) द्वारा आम नागरिकों और प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन से बम बरसाए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है।
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ड्रोन बमबारी और आरपीजी-7 रॉकेट का खुला इस्तेमाल

प्रदर्शन के प्रमुख आयोजक सरदार उमर नजीर ने दुनिया के सामने पाकिस्तानी सेना की बर्बरता के पुख्ता सुबूत पेश किए हैं। उन्होंने उमर फारूक चौक पर सबके सामने ड्रोन से गिराए गए बम के अवशेषों और हिस्सों को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही, रावलकोट बस टर्मिनल—जहां सुबह 8 बजे से सुरक्षा बलों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू की थी—वहां से प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘RPG-7’ रॉकेट की टेल फिन (पूंछ का हिस्सा) भी बरामद की है।
यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पाकिस्तानी फौज निहत्थे नागरिकों पर केवल गोलियां ही नहीं बरसा रही है, बल्कि उन पर ड्रोन बमबारी और आरपीजी जैसे सैन्य हथियारों का खुलकर इस्तेमाल कर रही है।
7 लोगों की मौत, 23 की हालत बेहद गंभीर
पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी की इस अमानवीय हिंसा, गोलीबारी और ड्रोन हमलों में अब तक 7 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, गंभीर रूप से घायल हुए 23 अन्य प्रदर्शनकारियों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे PoK में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस का लीपापोती भरा बयान और मानवाधिकार संगठनों से अपील

इस पूरे घटनाक्रम पर लीपापोती करते हुए PoK पुलिस ने एक बयान जारी किया है। पुलिस ने अपनी प्रेस रिलीज में उल्टे प्रदर्शनकारियों पर ही पहले गोली चलाने का मनगढ़ंत आरोप लगाया और उन्हें ‘दंगाई’ करार दिया। हालांकि, पुलिस अपने बयान में ड्रोन हमलों और आरपीजी-7 रॉकेट के इस्तेमाल के गंभीर आरोपों पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रही।
सेना के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा
पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स द्वारा ढहाए गए इस जुल्म के बाद स्थानीय नागरिकों और प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने उमर फारूक चौक पर धरना स्थल पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तानी सेना, रेंजर्स, एफसी और PoK पुलिस के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए उन्हें खुला ‘आतंकी’ करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से इस नरसंहार का तत्काल संज्ञान लेने और पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने की पुरजोर अपील की है।
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