
Europe Flight Threat: यूरोप के विमानन क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक साथ करीब 12 विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। इस सुरक्षा अलर्ट के बाद कई विमानों को हवा में ही डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कई की आपातकालीन लैंडिंग (इमरजेंसी लैंडिंग) करानी पड़ी। एक ही हफ्ते के भीतर यह दूसरा मौका है जब फर्जी बम धमकियों के कारण पूरे यूरोप के प्रमुख हवाई अड्डों पर बड़े पैमाने पर सुरक्षा जांच अभियान चलाना पड़ा है।
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लड़ाकू विमानों के पहरे में लैंडिंग और आपातकालीन जांच

बम की इन धमकियों के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। कई प्रमुख उड़ानों की लैंडिंग को लेकर कड़ी सुरक्षा बरती गई। डबलिन से रोम जा रही इस फ्लाइट को पेरिस से लगभग 100 किलोमीटर दूर फ्रांस के एवरेक्स एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। हेलसिंकी से रोम जा रहे फिनएयर के विमान को इटली की वायुसेना के लड़ाकू विमानों की सख्त निगरानी में ‘रोम फिमिसिनो एयरपोर्ट’ पर लैंड कराया गया। इटली पुलिस की सघन जांच के बाद विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला। पोलैंड की LOT एयरलाइन के एक विमान ने बेल्जियम के ब्रसेल्स जावेंटम एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग की, जहां जांच के बाद मामला झूठा निकला।
पूर्वी और मध्य यूरोपीय देशों में भी इमरजेंसी लैंडिंग
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, इस सुरक्षा अलर्ट का असर केवल पश्चिमी यूरोप तक सीमित नहीं था, बल्कि पूर्वी और मध्य यूरोपीय देशों में भी इसका भारी प्रभाव पड़ा। बुल्गारिया में तीन उड़ानों की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। कोपेनहेगन और मैड्रिड से आए दो विमानों को सोफिया में तथा लंदन से आई एक फ्लाइट को ‘प्लोवदिव’ में उतारा गया।
प्राग आ रहे चार विभिन्न विमानों को विस्फोटक होने की धमकी मिली, जिसके बाद लैंडिंग कराकर सुरक्षा बलों ने विस्तृत जांच की। मिलान से बुखारेस्ट जा रही ‘विज एयर’ की फ्लाइट के हेनरी कोआंडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही लगभग 200 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और बम निरोधक दस्ते ने पूरे विमान की जांच की।
उल्लेखनीय है कि इससे महज दो दिन पहले मंगलवार को भी कम से कम सात विमानों और एक क्रूज शिप को इसी तरह बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिससे हवाई अड्डों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
रूस और ईरान पर हाइब्रिड अटैक का संदेह

हालांकि अब तक किसी भी आतंकवादी संगठन या समूह ने इन धमकियों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन यूरोपीय खुफिया और सुरक्षा अधिकारी इसे एक सोची-समझी साजिश मान रहे हैं। अधिकारियों का संदेह है कि यह रूस और ईरान से जुड़ी ‘हाइब्रिड अटैक’ और तोड़फोड़ (Sabotage) की नीति का हिस्सा हो सकता है।
हाल ही में अज्ञात हैकर्स ने यूरोप के कई बड़े सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम और फ्रांस के ब्लड बैंकों को भी साइबर अटैक का निशाना बनाया था, जिससे वहां का तापमान अचानक बढ़ गया था। यूरोपीय एजेंसियां अब इन सभी घटनाओं के तारों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही हैं।
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