Andhra Pradesh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में बने भव्य ‘अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ का आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक हवाई अड्डे के निर्माण पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई है। आंध्र प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन इस आधुनिक एयरपोर्ट को पूरे उत्तर आंध्र क्षेत्र के तीव्र औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर मान रही है। सुबह करीब 11 बजे प्रधानमंत्री ने टर्मिनल भवन का उद्घाटन करने के बाद राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ हवाई अड्डे के परिसरों का बारीकी से निरीक्षण किया।
सीएम नायडू ने पीएम मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व को सराहा
हवाई अड्डे के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री एक खुली छत वाले वाहन से सीधे जनसभा स्थल पहुंचे, जहां जनजातीय समुदाय की 13,500 से अधिक महिलाओं और छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक ‘ढिमसा नृत्य’ प्रस्तुत कर उनका अत्यंत भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आज पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक देश नए नेतृत्व के संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत बेहद भाग्यशाली है कि उसके पास एक परखा हुआ और सशक्त नेतृत्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 साल पूरे होने पर उनके असाधारण और ऐतिहासिक कामों की सराहना की।
18,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का यह दिन आंध्र प्रदेश के समग्र विकास और ‘स्वर्ण आंध्र’ के विजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि आज इस पवित्र भूमि से करीब 18 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इन आधुनिक हवाई अड्डा परियोजनाओं के साथ-साथ सड़क संपर्क और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं, जो यह साबित करती हैं कि आंध्र प्रदेश आज कितनी तेज गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
जनजातीय विरासत, ढिमसा नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति
प्रधानमंत्री ने 13 हजार से अधिक आदिवासी बहनों और बेटियों द्वारा प्रस्तुत किए गए ढिमसा नृत्य की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनका उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव का यह दृश्य वाकई अद्भुत था, जिसमें देश की विविधता और पीढ़ियों से सहेजी गई जनजातीय विरासत की असली झलक दिखाई देती है। महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर बने इस नए एयरपोर्ट को युवाओं के बेहतर भविष्य का ‘लॉन्चपैड’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह उत्तर आंध्र की ग्रोथ का एक नया रनवे साबित होगा।
460 करोड़ की सेमीकंडक्टर परियोजना का शिलान्यास
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस हवाई अड्डे के पहले चरण में सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 4 करोड़ यात्री प्रति वर्ष किया जाएगा। इस एयरपोर्ट के निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बीआईएम और बायोमेट्रिक प्रक्रियाओं जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने विशाखापत्तनम में 460 करोड़ रुपये की लागत वाली एएसआईपी सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला भी रखी, जिससे हर साल 9.6 करोड़ चिप्स का निर्माण होगा और देश के सेमीकंडक्टर उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी।
कुरनूल और अनंतपुरम के लिए ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री ने कुरनूल-4 नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना (4.5 गीगावाट) के लिए 5,550 करोड़ रुपये की लागत वाली नई ट्रांसमिशन लाइन की आधारशिला रखी। इसके अलावा, उन्होंने कुरनूल और अनंतपुरम के पवन व सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए पावरग्रिड द्वारा तैयार की गई बिजली ट्रांसमिशन लाइनों का भी लोकार्पण किया। इन तमाम ऊर्जा और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं से पूरे दक्षिण भारत में बिजली आपूर्ति सुदृढ़ होगी और आंध्र प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई और अभूतपूर्व गति मिलेगी।










