PM Modi New Office: 14 जनवरी 2026, बुधवार को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय (PMO) अपने पुराने ठिकाने साउथ ब्लॉक से हटकर नए सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो गया। यह कॉम्प्लेक्स दारा शिकोह रोड पर स्थित है और सेंट्रल विस्टा री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) भी यहां स्थानांतरित हो गए हैं।
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1189 करोड़ की लागत से बना नया भवन

आजादी के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में था, लेकिन अब इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित किया गया है। लगभग 1189 करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन का क्षेत्रफल करीब 2.26 लाख वर्ग फुट है। यह नया केंद्रीय प्रशासनिक भवन अब प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों का केंद्र बनेगा।
तीन इमारतों की अलग-अलग जिम्मेदारियां
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में तीन अलग-अलग इमारतें बनाई गई हैं।
सेवा तीर्थ-1: यह मुख्य इमारत है, जहां प्रधानमंत्री कार्यालय का संचालन होगा।
सेवा तीर्थ-2: यहां कैबिनेट सचिवालय का नया मुख्यालय है, जिसे दिसंबर 2025 में ही शिफ्ट कर दिया गया था।
सेवा तीर्थ-3: इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय होंगे।
ओपन फ्लोर मॉडल और आधुनिक सुविधाएं
नया PMO ‘ओपन फ्लोर’ मॉडल पर आधारित है। यहां साउथ ब्लॉक की तरह ऊंची और बंद दीवारें नहीं होंगी, बल्कि खुले कार्यस्थल होंगे। ऑफिस को आधुनिक लेकिन सरल डिज़ाइन में बनाया गया है। प्रधानमंत्री का निजी और सेरोमोनियल रूम बेहद शानदार है, जहां वे विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। भवन की सजावट भारत की सांस्कृतिक विरासत और 5000 साल पुरानी सभ्यता को ध्यान में रखकर की गई है।
‘इंडिया हाउस’ कॉन्फ्रेंस सुविधा

सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में ‘इंडिया हाउस’ नामक आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम बनाया गया है। यहां उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें, प्रेस कॉन्फ्रेंस और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। पूरी बिल्डिंग साइबर सिक्योरिटी और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन लाइंस से लैस है। साथ ही यह भवन भूकंपरोधी है, जिससे किसी भी तीव्रता के भूकंप में भी इसकी सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी।
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का भविष्य
प्रधानमंत्री कार्यालय के सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने के बाद नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को संग्रहालय में बदलने की योजना है। गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय पहले ही कर्तव्य भवन में स्थानांतरित हो चुके हैं। अब नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 19 दिसंबर 2024 को फ्रांस की म्यूजियम डेवलपमेंट एजेंसी के साथ समझौता किया गया था।
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