RSS Centenary: RSS शताब्दी वर्ष में होसबाले का बड़ा संदेश, जातिगत भेदभाव खत्म करने पर दिया जोर

RSS के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में दत्तात्रेय होसबाले ने जातिगत भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर भेदभाव समाज को कमजोर करता है और बदलाव केवल कानून से नहीं आएगा। उनके मुताबिक इसकी शुरुआत व्यक्तिगत व्यवहार, परिवार और सामाजिक आचरण से करनी होगी।

RSS Centenary

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 21, 2026

RSS Centenary : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने जाति आधारित भेदभाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। भोपाल में आयोजित संघ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग भारत माता और ईश्वर की संतान हैं। ऐसे में मनुष्यों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया।

जन्म के आधार पर भेदभाव को बताया समाज के लिए नुकसानदेह

दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि जन्म के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव करना हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है। उनके मुताबिक, जाति के नाम पर होने वाला अलग-अलग तरह का खराब व्यवहार समाज को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव से समाज भीतर से खोखला होता है और इससे सामाजिक एकता प्रभावित होती है।

घर और व्यवहार से बदलाव की शुरुआत जरूरी

RSS सरकार्यवाह ने कहा कि समाज में बदलाव केवल भाषणों या कानूनों के जरिए नहीं आ सकता। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यवहार और जीवन में बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग निस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज के बारे में सोचते हैं, उन्हें इसकी शुरुआत अपने घर और आसपास के व्यवहार से करनी चाहिए।

जाति भेदभाव को खत्म करने का लिया संकल्प

होसबोले ने लोगों से जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने इसे हिंदू समाज के लिए एक कलंक बताया और कहा कि इस तरह के भेदभाव से समाज को मुक्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उनके मुताबिक सामाजिक समरसता केवल विचार नहीं बल्कि रोजमर्रा के आचरण में दिखाई देनी चाहिए।\

कानून से ज्यादा आचरण में बदलाव पर जोर

दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन केवल कानून बनाने, किसी महापुरुष के उपदेश देने या भगवान के अवतार लेने से नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वयं अपने आचरण में बदलाव करना होगा। उनके अनुसार, समाज में समानता और सम्मान की भावना तभी मजबूत होगी जब लोग अपने व्यवहार में भेदभाव को समाप्त करेंगे।

भारत की ऐतिहासिक चुनौतियों का किया उल्लेख

अपने संबोधन में होसबोले ने भारत की लंबी यात्रा और उसके सामने आई चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश ने अलग-अलग दौर में आक्रमण और सामाजिक कमजोरियों जैसी परिस्थितियों का सामना किया है। उनके अनुसार, इन चुनौतियों के बावजूद भारत आगे बढ़ा और आज आत्मसम्मान के साथ दुनिया के सामने खड़ा है।

समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील

होसबोले ने बिना किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लिए समाज को बांटने वाली ताकतों से सावधान रहने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि समाज को विभाजित करने और धर्म परिवर्तन कराने के लिए कई ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग ‘हिंदू राष्ट्र’ का हिस्सा हैं।

शताब्दी वर्ष के तहत भोपाल में बड़ा आयोजन

RSS के शताब्दी वर्ष के तहत रविवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में बड़ा स्वयंसेवक एकत्रीकरण आयोजित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, भोपाल विभाग के पांच जिलों से करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के इसमें शामिल होने की योजना थी और दत्तात्रेय होसबोले मुख्य वक्ता थे। कार्यक्रम में संघ की शाखाओं की गतिविधियों और सामाजिक कार्यों को प्रदर्शित किया गया।

‘पंच परिवर्तन’ के संदेश पर भी जोर

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में RSS की ओर से ‘पंच परिवर्तन’ पर भी जोर दिया जा रहा है। इसमें सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वबोध और नागरिक कर्तव्य जैसे विषय शामिल हैं। संघ के अनुसार, इन विचारों को केवल चर्चा तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक जीवन और व्यक्तिगत व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

Read More  ;.Weather Update: मानसून की विदाई से पहले यूपी में फिर बारिश, जानें कब बदलेगा मौसम