PM Modi Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मिली 7.8% की शानदार जीडीपी ग्रोथ के लिए बधाई देते हुए नागरिकों से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया है। एक वीडियो संदेश के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर जारी भारी उथल-पुथल और संकटों के बीच भारत की यह आर्थिक तरक्की देश की सामूहिक शक्ति का प्रमाण है। दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता के माहौल के बावजूद भारत की यह उपलब्धि देश को एक नई दिशा दे रही है।
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वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की मजबूत रफ्तार
दुनिया के तमाम देशों के लिए मौजूदा समय को बेहद मुश्किल बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया युद्ध की विभीषिका और गंभीर संकटों से घिरी हुई है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला यानी सप्लाई चेन बुरी तरह गड़बड़ा चुकी है। वर्ष 2020 में कोविड महामारी के दौर से लेकर आज तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता का अभाव साफ नजर आ रहा है। इसके बावजूद, भारत तमाम बाधाओं को पार करते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है।
स्वदेशी अपनाएं और स्थानीय उत्पादों को दें प्राथमिकता
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विशेष रूप से ‘स्वदेशी’ अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खरीदारी करने या पर्यटन पर निकलते समय लोगों को स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और भू-राजनीतिक तनावों का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कुछ महीने पहले की गई अपनी उस अपील को फिर से दोहराया, जिसमें उन्होंने लोगों से विदेश यात्रा न करने और गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन उपायों से देश को वैश्विक युद्धों और आर्थिक झटकों से निपटने में बहुत मदद मिलेगी।
‘वेड इन इंडिया’ और विलासिता पर लगाम की जरूरत
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिकों को पर्यटन के लिए विदेशों की यात्रा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित करने के बढ़ते चलन पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने देशवासियों से ‘वेड इन इंडिया’ (भारत में ही शादी करें) के मंत्र को अपनाने की जोरदार अपील की। इसके साथ ही, यदि बहुत जरूरी न हो, तो सोने की खरीदारी को भी सीमित करने की सलाह दी गई है। प्रधानमंत्री का मानना है कि हम जितना अधिक अपने देश के भीतर संसाधनों का उपयोग करेंगे, भारत उतनी ही तीव्र गति से आर्थिक तरक्की करेगा।
विकसित भारत के संकल्प की ओर बढ़ता कदम
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से भारत की इस शानदार आर्थिक तरक्की का जश्न मनाने के साथ ही ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी नीतियां स्पष्ट हैं, इरादे नेक हैं और आज 140 करोड़ देशवासियों की एकजुट ताकत देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी विकास दर 7.8% दर्ज की गई, जिसने यह साबित कर दिया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने अंत में विश्वास जताया कि यदि हम इसी तरह आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलते रहे, तो जब देश अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब हम अपनी युवा पीढ़ी को एक पूर्णतः विकसित भारत सौंपने में सफल होंगे।
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