Haryana Assembly: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को प्रश्नकाल का सत्र काफी हंगामेदार और मुद्दों से भरपूर रहा। सदन की कार्यवाही के दौरान करनाल, पिल्लूखेड़ा और कुरुक्षेत्र जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और परियोजनाओं को लेकर विधायकों ने सरकार से तीखे सवाल पूछे। वहीं, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। दूसरी ओर, सदन के बाहर विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
करनाल और पिल्लूखेड़ा के विकास कार्यों पर चर्चा
प्रश्नकाल के दौरान करनाल से भाजपा विधायक जगमोहन आनंद ने सेक्टर-13 मार्केट के पास स्थित करीब दो एकड़ बेशकीमती जमीन के विकास का मामला उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि इस पॉश इलाके में स्थित जमीन पर वर्तमान में कूड़ा डाला जा रहा है, इसलिए इसका सुव्यवस्थित विकास किया जाना जरूरी है। इस पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कृष्ण बेदी ने सदन को जानकारी दी कि यह जमीन मूल रूप से सिनेमा के लिए आरक्षित थी, जिसे अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा एक आधुनिक वाणिज्यिक परिसर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। परिसर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस जमीन की विधिवत नीलामी की जाएगी।
इसके अलावा, जींद जिले के पिल्लूखेड़ा राजकीय कॉलेज के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने जोर-शोर से उठाया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान में वहां 156 छात्राएं अस्थाई रूप से स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर हैं, जो उचित नहीं है। इस पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्पष्ट किया कि कॉलेज का शिलान्यास 4 अप्रैल 2026 को हो चुका है और इस परियोजना का बजट 8 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 11 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जमीन आवंटन से जुड़ी शुरुआती तकनीकी अड़चनों को दूर कर लिया गया है और जल्द ही कॉलेज भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, कुरुक्षेत्र से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के सवाल पर पर्यटन मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि ब्रह्मसरोवर के आसपास लगभग 100 एकड़ जमीन के विकास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है और जल्द ही विकास कार्य धरातल पर उतरेंगे।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सदन में हंगामा
सदन की कार्यवाही के दौरान राज्य में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा भी छाया रहा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस विधायकों ने सरकार को इस मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया। बहस के दौरान मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर ने कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक को टोकते हुए कहा कि सदन की गरिमा का ध्यान रखें और बैठकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
कांग्रेस नेता अशोक अरोड़ा ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का प्रस्ताव सदन में लाती है, तो कांग्रेस पार्टी पूरा समर्थन देगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों के मुद्दों को किसी विशेष जाति से जोड़कर उनका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। पलटवार करते हुए मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि कांग्रेस अपने 10 साल के शासनकाल के दौरान बनाई गई नीतियों पर बात करने से बचती है, जबकि वर्तमान सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का वास्तविक समाधान निकालने के लिए पूरी तरह गंभीर है।
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर कांग्रेस का प्रदर्शन
विधानसभा के अंदर हंगामे के साथ-साथ बाहर भी सियासी पारा गर्म रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान के विरोध में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस ने चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है और विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्षी नेताओं के सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। पार्टी ने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले को तुरंत वापस लिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि तानाशाही रवैया नहीं बदला गया, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक कड़ा विरोध जारी रखेगी।










