चित्रकूट में बाढ़ का बड़ा खतरा टला, योगी सरकार के प्रबंधन की सराहना

योगी सरकार ने कुशल प्रबंधन से चित्रकूट में टाला बड़ा बाढ़ संकट नहीं होने पाई जनहानि, मात्र 24 घंटे के भीतर जनजीवन पटरी पर लौटा सीएम योगी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावितों के लिए भोजन व पेयजल की निरंतर व्यवस्था  22 घंटे में हाईवे चालू, बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी  चित्रकूट  धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से उपजा बड़ा बाढ़ संकट योगी सरकार के कुशल प्रबंधन से टाल दिया गया। यही कारण है कि चित्रकूट में किसी प्रकार की जनहानि नहीं होने पाई। उत्तर प्रदेश सरकार प्रभावितों के लिए 'देवदूत' बनकर सामने आई, जिसने

Wrriten By :

Editor

Published On :

सितम्बर 1, 2026

योगी सरकार ने कुशल प्रबंधन से चित्रकूट में टाला बड़ा बाढ़ संकट

नहीं होने पाई जनहानि, मात्र 24 घंटे के भीतर जनजीवन पटरी पर लौटा

सीएम योगी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावितों के लिए भोजन व पेयजल की निरंतर व्यवस्था 

22 घंटे में हाईवे चालू, बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी 

चित्रकूट
 धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से उपजा बड़ा बाढ़ संकट योगी सरकार के कुशल प्रबंधन से टाल दिया गया। यही कारण है कि चित्रकूट में किसी प्रकार की जनहानि नहीं होने पाई। उत्तर प्रदेश सरकार प्रभावितों के लिए 'देवदूत' बनकर सामने आई, जिसने न केवल रिकॉर्ड समय में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया बल्कि बाढ़ का पानी उतरते ही मात्र 24 घंटे के भीतर जनजीवन को पटरी पर लौटा दिया।

वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने मुस्तैदी दिखाई

सीएम योगी के सख्त आदेश पर जिला प्रशासन के आला अफसर पानी में उतरकर मोर्चा संभालते नजर आए। आपदा से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ  और पीएसी की टीमों ने मुस्तैदी दिखाई। हेलीकॉप्टर, मोटरबोट और अत्याधुनिक संसाधनों के जरिए जलमग्न हो चुके रामघाट समेत तमाम संवेदनशील इलाकों से अब तक रिकॉर्ड 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार सुरक्षित निकाले गए नागरिकों का विवरण: 
रामघाट: 234 लोग, अमानपुर: 87 लोग, गोबरिया: 84 लोग, तरीहा: 82 लोग, पंडरी एवं मालिकाना: 77 लोग, पासी तिराहा: 55 लोग।
अन्य प्रभावित क्षेत्र: 50 लोग (राजापुर के अरछा बरेठी गांव से शेल्टर होम भेजे गए)।

राहत कार्य में युद्धस्तर पर जुटी सरकार, हजारों पैकेट भोजन वितरित

मुख्यमंत्री योगी के स्पष्ट निर्देश हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक भी नागरिक भूखा नहीं सोना चाहिए। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए भोजन व स्वच्छ पेयजल की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को जहां 2,700 लंच पैकेट बांटे गए, वहीं 30 अगस्त को यह संख्या बढ़ाकर 5,200 लंच पैकेट की गई। 31 अगस्त को भी इतने ही लंच पैकेट बांटे गए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद पहुंचाने के लिए 4000 विशेष बाढ़ राहत किट मंगाई गई हैं।

22 घंटे में हाईवे चालू, बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी

योगी सरकार की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाढ़ का पानी कम होते ही मात्र 22 घंटों में कर्वी में मंदाकिनी नदी के पास धंसे 'झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे' को दुरुस्त कर वाहनों का आवागमन फिर से शुरू करा दिया गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक लगातार तरौहा और अमानपुर जैसे अति प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बहाल की जा रही है और आज शहर की पेयजल सप्लाई भी पूरी तरह सुचारु हो जाएगी। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी टीमें हाई अलर्ट पर हैं।