Somnath Amrit Mahotsav 2026: सोमनाथ में मोदी का मेगा रोड शो! 75 साल बाद हुआ ऐतिहासिक कुंभाभिषेक, उमड़ा जनसैलाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ में 'सोमनाथ अमृत पर्व-2026' में हिस्सा लेकर इतिहास रच दिया। मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित इस उत्सव में पीएम ने मेगा रोड शो किया और 11 पवित्र तीर्थों के जल से मंदिर का भव्य कुंभाभिषेक संपन्न कराया। भारतीय वायुसेना के सूर्य किरण विमानों ने भी इस अवसर पर शानदार सलामी दी।

Somnath Amrit Mahotsav 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 11, 2026

Somnath Amrit Mahotsav 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात के एक दिवसीय दौरे के तहत प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ पहुंचे, जहां उनका अभूतपूर्व और शानदार स्वागत एवं मेगा रोड शो आयोजित किया गया। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के गौरवशाली 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘सोमनाथ अमृत पर्व-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। हेलीपैड से मंदिर तक के लगभग एक किलोमीटर लंबे मार्ग पर पीएम मोदी ने रोड शो किया, जिसमें सड़क के दोनों ओर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अपने नेता की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पूरे मार्ग पर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे।

सांस्कृतिक वैभव और भक्तिमय माहौल

सुबह करीब 10 बजे जब प्रधानमंत्री का काफिला सोमनाथ पहुंचा, तो पारंपरिक कला प्रदर्शन और सांस्कृतिक उत्सव ने सबका मन मोह लिया। पीएम का अभिनंदन 75 ढोल, शंखों की गर्जना और डमरुओं की गूंज के साथ किया गया। पारंपरिक परिधानों में सजी 100 कन्याओं ने मनमोहक ‘कलश नृत्य’ पेश किया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति के रंग में रंग गया। इसके साथ ही, गुजरात के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भगवान शिव और उनके परिवार की सजीव झांकियां प्रस्तुत कर सोमनाथ की पावन धरती को कैलाश के समान जीवंत बना दिया।

ऐतिहासिक कुंभाभिषेक और एयर शो

प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना कर राष्ट्र की प्रगति और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर का मुख्य आकर्षण शिखर कुंभाभिषेक समारोह और वायुसेना का प्रदर्शन रहा। देश के 11 अत्यंत पवित्र स्थानों से लाए गए जल के माध्यम से मंदिर का ऐतिहासिक अभिषेक संपन्न हुआ। जैसे ही कुंभाभिषेक की प्रक्रिया पूरी हुई, भारतीय वायुसेना की ‘सूर्य किरण’ टीम ने आसमान में हैरतअंगेज एयर शो कर सलामी दी। मंदिर के शिखर पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा ने इस धार्मिक अनुष्ठान को एक वैश्विक पहचान दिला दी।

विरासत और इतिहास की प्रदर्शनी

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर परिसर में आयोजित एक विशेष ऐतिहासिक प्रदर्शनी और डिजिटल गैलरी का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में सोमनाथ मंदिर के प्राचीन वैभव, विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा किए गए विनाश और फिर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के दृढ़ संकल्प से हुए पुनर्निर्माण की गौरवगाथा को दर्शाया गया है। बड़ी-बड़ी LED स्क्रीन्स पर दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों के जरिए मंदिर के पुनरुत्थान की यात्रा दिखाई गई। प्रदर्शनी में पीएम मोदी का वह संदेश प्रमुखता से अंकित था कि आध्यात्मिक शक्ति ही ‘विकसित भारत’ के निर्माण की असली आधारशिला है।

75 वर्ष का मील का पत्थर

सोमनाथ मंदिर का यह अमृत महोत्सव और आध्यात्मिक कायाकल्प भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक माना जा रहा है। पूरे मंदिर परिसर को लाखों दीयों की रोशनी और विदेशी फूलों से किसी दुल्हन की तरह सजाया गया है। पुनर्निर्माण के बाद पहली बार इतने भव्य स्तर पर आयोजित यह कुंभाभिषेक समारोह आने वाली पीढ़ियों को भारत की अटूट आस्था और जीवंत इतिहास से परिचित कराने का प्रयास है। इस आयोजन ने सिद्ध कर दिया है कि सोमनाथ न केवल एक मंदिर है, बल्कि भारत के स्वाभिमान और अजेय संकल्प का जीता-जागता उदाहरण है।