PM Modi Sikkim Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के गौरवशाली इतिहास के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह के समापन कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने हिमालयी राज्य के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सिक्किम को भारत की प्रगति का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
पूर्वोत्तर के कायाकल्प का नया विजन
बताते चले कि, सिक्किम की स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए इन्हें भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ की संज्ञा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘एक्ट फास्ट’ नीतियां केवल कागजी नारे नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के संतुलित विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। मोदी ने कहा कि सिक्किम जैसे सीमावर्ती राज्यों का सशक्त होना ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए अनिवार्य है।
विपक्षी दलों की नीतियों पर तीखा प्रहार
रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक केंद्र की सत्ता में रहने वाली कांग्रेस सरकारों ने सिक्किम के विकास में निरंतर अड़चनें पैदा कीं। पीएम ने कहा कि जो कार्य बहुत पहले हो जाने चाहिए थे, उन्हें राजनीतिक उदासीनता के कारण लटकाए रखा गया। उन्होंने जनता को आगाह किया कि जब देश को धर्म और राजनीति के आधार पर बांटने की कोशिशें हो रही हैं, तब सिक्किम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के प्रतीक के रूप में अडिग खड़ा है।
दशकों पुरानी परियोजनाओं को मिली नई गति
इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने सिवोक-रागपो रेलवे लाइन का विशेष उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को 2008-09 में ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन वर्षों तक जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। भाजपा सरकार के आने के बाद कार्यों में तेजी आई और अब सिक्किम पहली बार रेल मानचित्र पर आने के लिए तैयार है। इसके अतिरिक्त, गंगटोक में रिंग रोड का निर्माण और बागडोगरा से जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे जैसी बुनियादी सुविधाएं राज्य के भविष्य को नई दिशा देंगी।
‘पूर्वी भारत का स्वर्ग’ और प्रकृति प्रेम का संदेश
प्रधानमंत्री ने सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने सिक्किम को ‘पूर्वी भारत का स्वर्ग’ बताते हुए पर्यटकों से यहां के प्रसिद्ध ‘ऑर्किडेरियम’ का भ्रमण करने का आग्रह किया। मोदी ने कहा कि यहां की शुद्ध वायु और साफ सड़कें यह साबित करती हैं कि सिक्किम के नागरिक प्रकृति संरक्षण के सच्चे प्रहरी हैं। सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे को इतना मजबूत करना है कि राज्य में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें।
मावेशी विकास और हिमालयी राज्य का उज्ज्वल भविष्य
अधिकारियों के अनुसार, 4,000 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य सिक्किम में समावेशी और सतत विकास को सुनिश्चित करना है। राज्य स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर पीएम मोदी का यह दौरा न केवल उत्सव का हिस्सा है, बल्कि हिमालयी क्षेत्र के तीव्र आर्थिक उत्थान के लिए सरकार के संकल्प को भी दोहराता है।









