SCO Summit में PM मोदी का पाकिस्तान पर वार, शहबाज के सामने आतंकवाद पर दो टूक

SCO Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दो टूक संदेश दिया। शहबाज शरीफ और शी जिनपिंग की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड नहीं चल सकते। उन्होंने फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों समेत आतंक के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की अपील की।

SCO Summit

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 1, 2026

SCO Summit: किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। खास बात यह रही कि पीएम मोदी ने यह बात उस मंच पर कही, जहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे।

आतंकवाद के खिलाफ PM मोदी का बड़ा संदेश

बताते चले कि, प्रधानमंत्री मोदी ने SCO नेताओं से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर सभी देशों को एक सुर में स्पष्ट और मजबूत संदेश देना होगा।

आतंकवाद पर दोहरे मापदंड स्वीकार नहीं

पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के मामले में दोहरे मापदंड नहीं चल सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर दुनिया को आतंकवाद को खत्म करना है तो सभी देशों को बिना किसी भेदभाव के आतंकवाद के हर रूप और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। प्रधानमंत्री का यह बयान पाकिस्तान की ओर साफ इशारा माना जा रहा है।

आतंकवाद का पूरा इकोसिस्टम खत्म करने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद को केवल उसके हमलों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। इसके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। इसमें आतंकियों की फंडिंग, उनकी भर्ती, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले तंत्र और आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शामिल होनी चाहिए।

फंडिंग से लेकर सुरक्षित ठिकानों तक कार्रवाई जरूरी

पीएम मोदी ने आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की जरूरत बताते हुए कहा कि जब तक आतंकवाद को पैसा, हथियार, भर्ती और सुरक्षित पनाह मिलती रहेगी, तब तक इस खतरे को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल होगा। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के इन सभी स्रोतों पर एक साथ प्रहार करना होगा।

शी जिनपिंग और शहबाज शरीफ के सामने भारत का संदेश

SCO सम्मेलन में पीएम मोदी ने चीन और पाकिस्तान के सामने भारत का रुख भी मजबूती से रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में सहयोग का स्वागत है, लेकिन ऐसी परियोजनाओं को दूसरे देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए।

CPEC और PoK को लेकर भारत का पुराना रुख

पीएम मोदी की यह टिप्पणी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CPEC करीब 3,000 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क है, जो चीन के शिनजियांग क्षेत्र को पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से जोड़ता है। इसका एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है। भारत लगातार CPEC को अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए इसका विरोध करता रहा है।

पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर का भी संदर्भ

आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख की पृष्ठभूमि में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला भी अहम है। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। भारत का कहना रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई केवल हमले के बाद जवाब देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है।

SCO मंच से PM मोदी की दो टूक

SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश साफ था—आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं हो सकता। फंडिंग, कट्टरपंथ, भर्ती और सुरक्षित पनाहगाह जैसे पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई किए बिना आतंकवाद को जड़ से खत्म करना संभव नहीं है। शहबाज शरीफ और शी जिनपिंग की मौजूदगी में पीएम मोदी की यह टिप्पणी भारत की आतंकवाद विरोधी नीति और क्षेत्रीय संप्रभुता को लेकर उसके स्पष्ट रुख को सामने रखती है।