PM Modi Poems: उज्बेकिस्तान में हिट हुईं मोदी की कविताएं, छात्रों ने हिंदी-उज्बेक में सुनाकर जीता दिल

उज्बेकिस्तान के ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कविताओं ने ऐसा रंग जमाया कि स्थानीय छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में उनका पाठ किया। तीन कविताओं की प्रस्तुति ने मोदी को भावुक कर दिया। सवाल यह है कि विदेशी छात्रों तक मोदी की कविताएं कैसे पहुंचीं और इस सांस्कृतिक जुड़ाव का भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों में क्या महत्व है?

PM Modi Poems

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 31, 2026

PM Modi Poems:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों मध्य एशिया के दौरे पर हैं। वह SCO यानी शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंच चुके हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान के दौरे पर थे, जहां भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण समझौते हुए। हालांकि, इस राजनयिक दौरे के दौरान राजनीतिक और रणनीतिक चर्चाओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी की कविताओं ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।

पीएम मोदी की कविताओं ने उज्बेकिस्तान में बटोरी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लिखी कविताओं की लोकप्रियता उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान देखने को मिली। खास बात यह रही कि वहां के छात्रों ने उनकी कविताओं को हिंदी में याद किया और प्रधानमंत्री के सामने उनका पाठ किया। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दोनों देशों के बीच भाषा और साहित्य के माध्यम से बने जुड़ाव को भी सामने रखा। छात्रों द्वारा आत्मविश्वास के साथ हिंदी में कविताएं सुनाने पर प्रधानमंत्री मोदी भी काफी प्रभावित नजर आए।

कुकसरॉय पैलेस में कविता पर हुआ खास म्यूजिकल कार्यक्रम

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में कुकसरॉय पैलेस में एक अनौपचारिक रात्रिभोज का आयोजन किया था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की कविता ‘अभी तो सूरज उगा है’ पर आधारित एक विशेष म्यूजिकल प्रस्तुति भी आयोजित की गई। कार्यक्रम में कविता को संगीत के माध्यम से पेश किया गया, जिसे वहां मौजूद दर्शकों ने खूब पसंद किया। इस प्रस्तुति ने प्रधानमंत्री के दौरे के सांस्कृतिक पक्ष को खास बना दिया।

छात्रों ने प्रधानमंत्री के सामने पेश की तीन कविताएं

ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में छात्रों और अकादमिक समुदाय के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के दौरान एक यादगार सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिला। विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रधानमंत्री के सामने उनकी खुद लिखी तीन लोकप्रिय कविताओं का पाठ किया। खास बात यह रही कि प्रत्येक कविता को हिंदी के साथ-साथ उज्बेक भाषा में भी प्रस्तुत किया गया। इस दोभाषी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

‘अभी तो सूरज उगा है’ का हिंदी और उज्बेक में पाठ

विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने प्रधानमंत्री मोदी की कविता ‘अभी तो सूरज उगा है’ का हिंदी में पाठ किया। इसके बाद तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने इसी कविता का उज्बेक अनुवाद प्रस्तुत किया। दोनों छात्रों की प्रस्तुति ने यह दिखाया कि भारतीय हिंदी साहित्य को उज्बेकिस्तान के युवा भी रुचि के साथ पढ़ और समझ रहे हैं।

‘नए भारत के नए संकल्प’ ने दिखाया आत्मविश्वास

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की एक अन्य कविता ‘नए भारत के नए संकल्प’ भी सुनाई गई। यह कविता नए और आत्मविश्वासी भारत की भावना को व्यक्त करती है। इसका हिंदी पाठ विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के छात्र ओटाबेक अमीरोव ने किया। वहीं, कविता का उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष के छात्र इकरोमखुजा सादिल्लाएव ने प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान छात्रों का आत्मविश्वास देखने लायक था।

‘मानवता को कहीं न लग जाए दाग’ भी सुनाई गई

छात्रों ने प्रधानमंत्री की तीसरी कविता ‘मानवता को कहीं न लग जाए दाग’ भी प्रस्तुत की। यह कविता इंसानियत, करुणा और शांति जैसे मानवीय मूल्यों पर केंद्रित है। इसका हिंदी पाठ तीसरे वर्ष की छात्रा ओरज़ू कुलदोशेवा ने किया। इसके बाद तीसरे वर्ष की छात्रा फयोजा अब्दुरसुलोवा ने कविता का उज्बेक अनुवाद सुनाया। इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मानवीय संवेदनाओं और शांति का संदेश भी सामने रखा।

हिंदी और उज्बेक भाषा के बीच मजबूत हुआ रिश्ता

प्रधानमंत्री मोदी के सामने उज्बेक छात्रों द्वारा हिंदी में कविताएं सुनाना भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों का उदाहरण बना। छात्रों ने न केवल हिंदी कविताओं को याद किया, बल्कि उनका उज्बेक भाषा में अनुवाद करके भी प्रस्तुत किया। इससे दोनों देशों के बीच शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के स्तर पर सहयोग की संभावनाएं भी उजागर हुईं।

राजनीतिक समझौतों के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव भी रहा खास

प्रधानमंत्री के उज्बेकिस्तान दौरे में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और रक्षा क्षेत्र से जुड़े समझौतों पर भी ध्यान रहा, लेकिन कविताओं से जुड़ी इन प्रस्तुतियों ने यात्रा को एक अलग भावनात्मक और सांस्कृतिक रंग दिया। छात्रों का यह प्रयास भारत और उज्बेकिस्तान के लोगों के बीच आपसी समझ और सद्भाव को मजबूत करने वाला संदेश लेकर आया। अब प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान में SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं, जहां उनकी अन्य देशों के नेताओं से मुलाकातों पर भी नजर रहेगी।

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