PM Modi in Netherlands: मिडल ईस्ट संकट पर प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान, भारत-नीदरलैंड्स सहयोग की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के हेग में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता दशकों के विकास को उलट सकती है और बड़ी आबादी को गरीबी में धकेल सकती है। उन्होंने एक विश्वसनीय ग्लोबल सप्लाई चेन और मजबूत आर्थिक परिवर्तन पर जोर दिया।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 16, 2026

PM Modi in Netherlands: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के हेग में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए एक बड़ी वैश्विक चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध, वैश्विक अस्थिरता और संघर्षों के कारण पिछले कई दशकों में हासिल की गई विकास की उपलब्धियां पूरी तरह पलट सकती हैं। पीएम मोदी के अनुसार, इस गंभीर संकट की वजह से दुनिया की एक बहुत बड़ी आबादी दोबारा अत्यधिक गरीबी के चक्रव्यूह में धंस सकती है।

अंतरराष्ट्रीय मंच से बोलते हुए उन्होंने वैश्विक संकटों से निपटने के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद ग्लोबल सप्लाई सिस्टम के निर्माण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि कोरोना महामारी के बाद के दुष्परिणामों, लगातार छिड़ रहे युद्धों और गहरे होते ऊर्जा संकट के कारण वर्तमान समय में पूरी दुनिया एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण और नाजुक दौर से गुजर रही है।

वैश्विक संकटों के दौर पर प्रधानमंत्री की चेतावनी

हेग में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान दशक को संकटों का समय बताया। उन्होंने वैश्विक उथल-पुथल और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता (Global Turmoil and International Instability) पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “पहले कोरोना महामारी आई, फिर विभिन्न क्षेत्रों में युद्ध छिड़ गए और अब वैश्विक ऊर्जा संकट हमारे सामने है। यह दशक पूरी दुनिया के लिए आपदाओं और चुनौतियों का काल बनता जा रहा है।”

पीएम मोदी ने आगाह किया कि यदि वैश्विक स्तर पर यह तनावपूर्ण परिस्थितियां जल्द नहीं बदलीं, तो बीते दशकों में विभिन्न देशों द्वारा की गई आर्थिक प्रगति और विकास की उपलब्धियां (Economic Progress and Development Gains) पूरी तरह समाप्त हो सकती हैं, जिससे करोड़ों लोग पुनः निर्धनता की ओर चले जाएंगे। इस अनिश्चितता के बीच उन्होंने भारत और नीदरलैंड द्वारा एक सुरक्षित, लचीली और पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था के निर्माण में किए जा रहे साझा प्रयासों की सराहना की।

डच समाज में भारतीय प्रवासियों का योगदान

प्रवासी भारतीयों के स्वागत और उत्साह से अभिभूत होकर प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में बेहद आत्मीय भाव व्यक्त किए। उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय और डच समाज (Indian Diaspora and Dutch Society) के बीच के मजबूत संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा, “यहाँ मिल रहा इतना प्यार और असीम उत्साह देखकर, कुछ समय के लिए तो मैं पूरी तरह विस्मृत कर बैठा था कि मैं नीदरलैंड में हूँ। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो भारत के ही किसी हिस्से में कोई भव्य पावन त्योहार मनाया जा रहा हो।” उन्होंने विदेशी धरती पर रह रहे भारतीयों की सांस्कृतिक परंपराओं और भाषाई विरासत (Cultural Traditions and Linguistic Heritage) को पीढ़ियों से सहेजकर रखने के लिए उनकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की और उनके जीवन को संघर्ष से सफलता की अनूठी गाथा बताया।

राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तन के 12 वर्ष पूरे

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में भारत में आए व्यापक राजनीतिक और आर्थिक बदलावों का भी जिक्र किया। संयोगवश यह कार्यक्रम 16 मई को आयोजित हो रहा था, जिसे याद करते हुए उन्होंने कहा, “आज 16 मई का यह दिन एक और ऐतिहासिक कारण से बेहद महत्वपूर्ण है। आज से ठीक बारह वर्ष पूर्व, यानी 16 मई 2014 को भारत में राजनीतिक परिवर्तन (Political Transformation in India) हुआ था। उस दिन आए ऐतिहासिक चुनाव परिणामों ने देश में एक पूर्ण और स्थिर बहुमत वाली सरकार की वापसी का मार्ग प्रशस्त किया था।” पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा कि करोड़ों देशवासियों का यही अटूट विश्वास और भरोसा उन्हें राष्ट्र सेवा के मार्ग पर बिना रुके और बिना थके निरंतर आगे बढ़ने की असीम ऊर्जा प्रदान करता है।

भारत की आर्थिक प्रगति और खेल संबंध

भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक और तकनीकी ताकत का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम (Third Largest Startup Ecosystem) के रूप में स्थापित हो चुका है और वैश्विक स्तर पर इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग तथा ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ने भारत और नीदरलैंड के बीच गहरे खेल कूटनीति और द्विपक्षीय खेल संबंधों (Sports Diplomacy and Bilateral Sports Ties) का विशेष उल्लेख किया।

उन्होंने भारत में आयोजित हुए टी20 क्रिकेट विश्व कप में डच टीम के शानदार प्रदर्शन की सराहना की और भारतीय हॉकी के विकास में नीदरलैंड के योगदान को याद किया। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व कोच स्जोर्ड मारिजने की भूमिका की प्रशंसा की, जिन्होंने भारतीय महिला हॉकी को एक नई ऊंचाई पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।