PM Modi Message: सोशल मीडिया के दौर में Gen-Z को PM मोदी की सलाह, रील से ज्यादा अनुभव पर दें ध्यान

PM Modi Message: सोशल मीडिया और रील्स के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Gen-Z को शॉर्टकट से सावधान रहने की सलाह दी, उन्होंने युवाओं को दूसरों के अनुभवों से सीखने और आत्मकथाएं पढ़ने का सुझाव दिया, जानिए पीएम मोदी ने रेलवे स्टेशन के उदाहरण से युवाओं को क्या समझाया और उनका संदेश कितना महत्वपूर्ण है

सोशल मीडिया के दौर में Gen-Z को PM मोदी की सलाह

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 12, 2026

PM Modi Message: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति के व्यक्तित्व, संघर्ष और सार्वजनिक जीवन की जमकर सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए अपनी सादगी, संवेदनशीलता और व्यवहार से एक अलग उदाहरण पेश किया।

पीएम मोदी ने बताया कि पद से हटने के बाद भी रामनाथ कोविंद देश के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। वह ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

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नई पीढ़ी को कोविंद की जिंदगी से सीखने की अपील

कार्यक्रम में पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयः मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ का विमोचन किया। उन्होंने युवाओं और खासकर नई पीढ़ी से इस पुस्तक को पढ़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि किताब में कोविंद के व्यक्तिगत जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों का उल्लेख है, लेकिन उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उनके मुताबिक, यह कहानी भारतीय लोकतंत्र और गणतंत्र की मजबूती से भी जुड़ी हुई है।

कोविंद की सादगी का किया उल्लेख

पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति के साथ अपने अनुभवों को याद करते हुए उनकी सहजता का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि जब वह प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रपति भवन जाते थे, तब प्रोटोकॉल के बावजूद रामनाथ कोविंद अक्सर औपचारिकताओं से अलग सहजता से बातचीत करते थे। पीएम मोदी के मुताबिक, कोविंद कई बार उन्हें विदा करने के लिए खुद कार के दरवाजे तक आते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति से कई बार ऐसा नहीं करने का आग्रह किया, लेकिन उनकी विनम्रता और सहज व्यवहार में बदलाव नहीं आया।

गांव पहुंचकर शिक्षकों का लिया आशीर्वाद

प्रधानमंत्री ने रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख की यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद जब कोविंद अपने गांव पहुंचे, तो उन्होंने अपने शिक्षकों के पैर छुए और गांव की मिट्टी को नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद के इस व्यवहार ने देश को भारतीय संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों की एक भावनात्मक तस्वीर दिखाई। उनके मुताबिक, उनकी सादगी और अपनी जड़ों से जुड़ाव हर भारतीय के लिए प्रेरणादायक है।

Gen-Z को सोशल मीडिया और शॉर्टकट से सावधान रहने की सलाह

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज की युवा पीढ़ी, विशेष रूप से Gen-Z को सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में सोशल मीडिया पर कई तरह के इन्फ्लुएंसर्स युवाओं को आकर्षित करते हैं। पीएम मोदी ने युवाओं को सलाह दी कि लोकप्रियता और तुरंत सफलता के आकर्षण में आकर किसी भी शॉर्टकट को अपनाने से पहले उसके परिणामों पर विचार करना चाहिए।

‘A Shortcut Will Cut You Short’ का दिया उदाहरण

पीएम मोदी ने रेलवे स्टेशन पर लिखे एक संदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कई लोग पुल या फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठाते हैं। उन्होंने अंग्रेजी की पंक्ति “A shortcut will cut you short” का उल्लेख करते हुए समझाया कि गलत रास्ते से हासिल किया गया शॉर्टकट नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में वास्तविक सफलता के लिए धैर्य, मेहनत और सही दिशा जरूरी है।

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ऑटोबायोग्राफी पढ़ने की दी सलाह

प्रधानमंत्री ने युवाओं को अपनी पसंद के सफल और प्रेरणादायक लोगों की आत्मकथाएं पढ़ने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि दूसरों के अनुभवों और संघर्षों से सीखकर युवा अपने जीवन में बेहतर फैसले ले सकते हैं। उनका संदेश साफ था कि सोशल मीडिया की त्वरित लोकप्रियता और शॉर्टकट के बजाय युवाओं को अनुभव, मेहनत और सीखने की आदत को प्राथमिकता देनी चाहिए।