Haryana News: हरियाणा की राजनीति में 17 जुलाई का दिन एक ऐतिहासिक और राजनीतिक मील का पत्थर साबित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद से न केवल भारत की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर देश को हरित परिवहन के नए युग में प्रवेश कराया, बल्कि अपने संबोधन के जरिए यह स्पष्ट संकेत दिया कि हरियाणा भाजपा की राष्ट्रीय विकास राजनीति का प्रमुख केंद्र है। यह दौरा महज विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने आगामी राजनीतिक दिशा और भाजपा के ‘सुशासन मॉडल’ को भी मजबूती से स्थापित किया।
मुख्यमंत्री सैनी के नेतृत्व पर पीएम का विश्वास
बताते चले कि, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की। उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा की ‘डबल इंजन’ सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है। पीएम मोदी ने अपने हरियाणवी अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा, “जींद का घी और घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं।” यह कटाक्ष और संदेश स्पष्ट था कि जो क्षेत्र पहले राजनीतिक उपेक्षा का शिकार था, वह आज विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन चुका है।
₹14,721 करोड़ की विकास परियोजनाओं का अंबार
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने लगभग ₹14,721 करोड़ की लागत वाली 9 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रमुख सौगातों में दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे का हरियाणा खंड, जींद-गोहाना और अंबाला-काला अंब राष्ट्रीय राजमार्ग, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, भिवानी एवं कोरियावास (नारनौल) में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज तथा कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला शामिल हैं। ये परियोजनाएं हरियाणा में कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊंचाई प्रदान करेंगी।










