Bengal Election: PM मोदी ने खाई ‘झालमुड़ी’, ममता बनर्जी का तंज- “सब ड्रामा है, क्या 10 रुपये का नोट स्क्रिप्टेड नहीं था?

पश्चिम बंगाल के झारग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी का एक स्थानीय दुकान पर रुककर 'झालमुड़ी' खाने का वीडियो वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे पूरी तरह 'स्क्रिप्टेड ड्रामा' करार दिया है। ममता ने सवाल उठाया कि बिना तय कार्यक्रम के वहां कैमरा और ₹10 का नोट पहले से कैसे तैयार था। वहीं मोदी का दुकानदार के साथ हंसी-मजाक वाला अंदाज लोगों को खूब भा रहा है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 20, 2026

Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पारा उस वक्त और चढ़ गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सादगी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। झारग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने अचानक अपना काफिला रुकवाकर एक स्थानीय दुकान से ‘झालमुड़ी’ का लुत्फ उठाया। जहां भाजपा समर्थक इसे प्रधानमंत्री की सहजता बता रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया है। सोमवार को बीरभूम की एक रैली में ममता बनर्जी ने इस पूरी घटना को ‘प्री-प्लांड’ बताते हुए पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला।

आम नागरिक की तरह झालमुड़ी की दुकान पर पहुंचे PM मोदी

बताते चले कि, पश्चिम बंगाल के झारग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खुशनुमा अंदाज और स्ट्रीट फूड देखने को मिला। पीएम मोदी ने अचानक अपना काफिला रुकवाकर दुकानदार विक्रम साह की दुकान पर दस्तक दी और बड़े ही सहज भाव से कहा— “भाई, हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ।” इस दौरान पीएम मोदी और स्थानीय दुकानदार के बीच बातचीत ने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने दुकानदार से झालमुड़ी की कीमत पूछी और बच्चों के साथ मिलकर इस बंगाली व्यंजन का स्वाद लिया, जिससे वहां मौजूद भीड़ ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठी।

चुनावी रैली में मुख्यमंत्री का तीखा पलटवार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के इस कदम को महज एक दिखावा बताया है। बीरभूम जिले के मुरारई में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ममता बनर्जी की चुनावी टिप्पणी और राजनीतिक आलोचना के जरिए मोदी पर निशाना साधा। ममता ने सवाल उठाया कि अगर यह अचानक लिया गया ब्रेक था, तो वहां पहले से कैमरा कैसे मौजूद था? उन्होंने इसे चुनाव प्रचार के दौरान ड्रामा और स्क्रिप्टेड घटना करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की जेब में 10 रुपये का नोट होना अविश्वसनीय है और यह सब जनता को गुमराह करने के लिए किया गया है।

पीएम मोदी का मजेदार अंदाज

झालमुड़ी तैयार होने के दौरान दुकान पर हंसी-ठिठोली का माहौल भी देखने को मिला। जब दुकानदार विक्रम ने पूछा कि क्या वे प्याज खाते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हास्य और चुटीला अंदाज सामने आया। उन्होंने मजाक में कहा— “हां सब खाते हैं, बस दिमाग नहीं खाते।” इस पीएम मोदी के वायरल वीडियो और मजाकिया बातचीत पर वहां मौजूद सभी लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे। इसके बाद पीएम ने अपनी जेब से 10 रुपये निकालकर दुकानदार को दिए और विक्रम के मना करने के बावजूद पैसे लेने के लिए उन्हें मनाया।

झालमुड़ी के बहाने वोटर्स को साधने की कोशिश

पश्चिम बंगाल में ‘झालमुड़ी’ केवल एक व्यंजन नहीं बल्कि संस्कृति का हिस्सा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झालमुड़ी के जरिए बंगाली अस्मिता और संस्कृति से जुड़ना भाजपा की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। जहां ममता बनर्जी का विरोध और भाजपा का चुनाव प्रचार चरम पर है, वहां ऐसी छोटी-छोटी घटनाएं मतदाताओं के मन पर गहरा प्रभाव डालती हैं। 10 रुपये की झालमुड़ी ने अब बंगाल की चुनावी जंग में एक नया ‘राजनीतिक मुद्दा’ छेड़ दिया है।