PM Modi Chinmaya Amrit Mahotsav: भारत मंडपम में आध्यात्मिक सम्मेलन का उद्घाटन, युवाओं की भूमिका पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने चिन्मय मिशन को केवल संस्था नहीं, बल्कि एक विचार बताया। पीएम मोदी ने संतों के आशीर्वाद का जिक्र करते हुए युवाओं की भागीदारी को सशक्त भारत के निर्माण के लिए अहम बताया।

PM Modi Chinmaya

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 23, 2026

PM Modi Chinmaya Amrit Mahotsav : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चिन्मय मिशन के चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम को अपने लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि संतों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में चिन्मय मिशन से जुड़े संतों, आचार्यों, साधकों और अनुयायियों की भागीदारी को आध्यात्मिक परंपरा तथा विचारों के प्रसार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

पीएम मोदी बोले – यह मेरे लिए आध्यात्मिक अनुभव

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सभी के सहयोग और सौजन्य से उन्हें चिन्मय मिशन के अमृत महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे सामान्य कार्यक्रम से अलग आध्यात्मिक अनुभूति बताया। मोदी ने कहा कि देश के संतों का उनके प्रति विशेष स्नेह और आशीर्वाद रहा है। उनके संबोधन में आध्यात्मिक परंपराओं, संतों के मार्गदर्शन और समाज में सकारात्मक विचारों के महत्व पर जोर दिखाई दिया।

चिन्मय मिशन केवल संस्था नहीं, एक विचार है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिन्मय मिशन के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक विचार है। उन्होंने मिशन की स्थापना और दशकों की यात्रा को उसके संकल्पों से जोड़कर देखा। मोदी के अनुसार, चिन्मय मिशन की गतिविधियां आध्यात्मिक चिंतन और मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘चिन्मय’ विचार में अमरता और अमृतमय भाव का संदेश निहित है, इसलिए अमृत महोत्सव का नाम भी सार्थक है।

संतों, आचार्यों और अनुयायियों को दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में चिन्मय मिशन से जुड़े संतों और आचार्यों के साथ लाखों साधकों तथा अनुयायियों को चिन्मय अमृत महोत्सव की बधाई दी। उन्होंने इस आयोजन को मिशन की लंबी यात्रा और उसके आध्यात्मिक संकल्पों से जोड़कर प्रस्तुत किया। ऐसे वैश्विक सम्मेलन विभिन्न देशों में फैले अनुयायियों को एक मंच पर लाने, विचारों के आदान-प्रदान और आध्यात्मिक शिक्षाओं के प्रसार का अवसर प्रदान करते हैं।

सशक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सशक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम है। देश की युवा आबादी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना विकास, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव के लिए जरूरी माना जाता है। प्रधानमंत्री का संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि युवा केवल भविष्य की शक्ति नहीं, बल्कि वर्तमान में भी देश की प्रगति में योगदान देने वाले महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण पर जोर

चिन्मय अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन में आध्यात्मिक विचारों और राष्ट्रीय विकास के बीच संबंध को रेखांकित किया गया। उन्होंने मिशन की यात्रा, संतों के आशीर्वाद और युवाओं की सक्रिय भूमिका का उल्लेख किया। इस तरह सम्मेलन का संदेश आध्यात्मिक चिंतन के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित रहा।

वैश्विक स्तर पर चिन्मय मिशन की परंपरा का उल्लेख

प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं ने दुनिया भर में चिन्मय मिशन से जुड़े लोगों को संबोधित किया। अमृत महोत्सव के जरिए मिशन की विचारधारा, आध्यात्मिक शिक्षाओं और दशकों के संकल्पों को सामने लाने का अवसर मिला। कार्यक्रम का प्रमुख संदेश यही रहा कि आध्यात्मिक मूल्यों, संतों के मार्गदर्शन और युवाओं की भागीदारी से समाज तथा राष्ट्र को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।

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