Rahul Gandhi Vietnam Visit: राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर क्यों भड़की BJP, सुधांशु त्रिवेदी ने उठाए सवाल

राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को लेकर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व, विदेश यात्राओं, चुनावी प्रदर्शन और परिवारवाद पर सवाल उठाए। त्रिवेदी ने उन्हें ‘फेल प्रोडक्ट’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस उन्हें बार-बार लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। उनके आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Rahul Gandhi Vietnam Visit

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 23, 2026

Rahul Gandhi Vietnam Visit: राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर हमला बोला है। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के राजनीतिक सफर और कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी को ‘फेल प्रोडक्ट’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस उन्हें बार-बार लॉन्च करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इन कोशिशों से पार्टी को अपेक्षित नतीजे नहीं मिले हैं।

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सुधांशु त्रिवेदी के आरोप

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सुधांशु त्रिवेदी के आरोप

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं के दौरान उनकी गतिविधियों और मुलाकातों की जानकारी साफ तौर पर सामने नहीं आती। त्रिवेदी ने दावा किया कि राहुल गांधी विदेश में ऐसे लोगों से मिलते हैं, जिनके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेश यात्राओं के बाद राहुल गांधी भारत के खिलाफ बोलने वाली ताकतों के सुर में सुर मिलाते हैं। ये आरोप बीजेपी सांसद ने लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता से बाहर रहकर परेशान है और पार्टी के नेतृत्व की जिम्मेदारी राहुल गांधी के पास है। उन्होंने वियतनाम के प्राचीन इतिहास में इस्तेमाल होने वाले ‘चंपा’ नाम का जिक्र करते हुए राहुल गांधी की यात्रा पर टिप्पणी की।

राहुल गांधी को लॉन्च करने के कांग्रेस के प्रयोग पर सवाल

बीजेपी सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने राहुल गांधी की राजनीतिक छवि बनाने के लिए समय-समय पर कई तरह के प्रयोग किए। कभी उन्हें युवा नेता के तौर पर पेश किया गया, तो कभी हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर उनकी छवि को सामने लाने की कोशिश की गई।

त्रिवेदी के मुताबिक, इन तमाम प्रयासों के बावजूद राहुल गांधी को स्थापित करने में कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर से तुलना करते हुए राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए। हालांकि, यह तुलना त्रिवेदी की राजनीतिक टिप्पणी का हिस्सा है।

2014, 2019 और 2024 के चुनावों का किया जिक्र

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी को लगातार लोकसभा चुनावों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने 2014 के चुनाव का जिक्र किया, जब कांग्रेस 44 सीटों पर सिमट गई थी। 2019 में पार्टी को 52 सीटें मिलीं, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं।

2014, 2019 और 2024 के चुनावों का किया जिक्र

त्रिवेदी ने इन आंकड़ों के आधार पर राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राहुल गांधी को स्थापित करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन चुनावी नतीजे उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे।

यूथ कांग्रेस के आंतरिक चुनाव पर भी निशाना

बीजेपी सांसद ने यूथ कांग्रेस में आंतरिक चुनाव कराने की पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संगठन में लोकतंत्र मजबूत करने के नाम पर कई प्रयोग किए, लेकिन उम्मीदवारों के चयन के लिए आंतरिक चुनाव कराने की योजना भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी। त्रिवेदी ने इस पहल को कांग्रेस की संगठनात्मक रणनीति पर सवाल उठाने का आधार बनाया।

परिवारवाद को लेकर कांग्रेस पर हमला

परिवारवाद को लेकर कांग्रेस पर हमला

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस में परिवारवाद के मुद्दे पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए सवाल किया कि पार्टी में परिवारवाद खत्म करने की बातों के बावजूद गांधी परिवार की भूमिका इतनी अहम क्यों बनी हुई है। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में गांधी परिवार के सदस्यों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति और संवैधानिक व्यवस्था पर आरोप

अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को बार-बार स्थापित करने की कोशिश में कांग्रेस अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी ने अपनी रणनीति के चलते देश की संवैधानिक व्यवस्था को दांव पर लगा दिया है।

फिलहाल, सुधांशु त्रिवेदी के बयान को बीजेपी और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा और उनके नेतृत्व को लेकर बीजेपी के इन आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले का दूसरा पक्ष भी स्पष्ट होगा।