Assam Election 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के गुवाहाटी से एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। हालांकि, उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोकराझार पहुंचना था, लेकिन खराब मौसम और तकनीकी बाधाओं के कारण उनका विमान वहां नहीं उतर सका। प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी से ही तकनीक के माध्यम से जनता को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं कोकराझार की धरती पर आकर आप सभी के बीच बैठना चाहता था, लेकिन कुदरत की मर्जी कुछ और थी। मैं आप सभी से हृदय से क्षमा चाहता हूं कि मैं वहां शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हो सका, लेकिन मेरा मन आप सभी के बीच ही है।”
कांग्रेस पर तीखा हमला: ‘झूठे वादों की दुकान’ और ‘चार सुपर झूठ’ का जिक्र
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कांग्रेस को ‘झूठे वादों की दुकान’ करार देते हुए कहा कि यह पार्टी देश को हमेशा ‘चार सुपर झूठ’ उपहार में देती है। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का जनता से किए गए वादों को पूरा करने का कभी कोई इरादा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल सत्ता हथियाने के लिए समुदायों के बीच फूट डालने पर आधारित रही है। पीएम के अनुसार, कांग्रेस ने असम और विशेष रूप से बोडोलैंड के लोगों को दशकों तक केवल कागजी समझौतों और खोखले सपनों में उलझाए रखा, जिससे इस क्षेत्र का विकास बाधित हुआ।
बोडोलैंड में शांति का नया सवेरा: बम-बंदूक की जगह गूंज रहे विकास के तराने
प्रधानमंत्री ने कोकराझार और आसपास के क्षेत्रों के दर्दनाक अतीत को याद करते हुए कहा कि पिछले कुछ दशकों में इस इलाके ने भारी हिंसा और अस्थिरता देखी है। उन्होंने कहा, “वह दौर भी था जब यहां केवल बम और बंदूकों की गूंज सुनाई देती थी और निर्दोष लोग अपनी जान गंवाते थे।” लेकिन आज एनडीए की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बोडोलैंड शांति और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने 2020 के बोडो शांति समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी ने ईमानदारी से प्रयास किया और सभी प्रमुख संगठनों को एक मंच पर लाकर स्थायी शांति की नींव रखी।
विकास की सौगात: ₹4,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स और कनेक्टिविटी पर जोर
असम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने ₹4,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने विशेष रूप से कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करते हुए बताया कि इसमें से ₹1,100 करोड़ से अधिक की राशि बोडोलैंड की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए आवंटित की गई है। ‘असम माला अभियान’ के तीसरे चरण की शुरुआत के साथ ही राज्य में सड़क संपर्क और अधिक सशक्त होगा, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। पीएम ने कहा कि विकास की यह रफ़्तार असम के सुनहरे भविष्य की गारंटी है।
विरासत का संरक्षण: बोडो संस्कृति और भाषा को सहेजने का संकल्प
राजनीति और अर्थशास्त्र के साथ-साथ पीएम मोदी ने असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कुछ सप्ताह पहले गुवाहाटी में बोडो संस्कृति के अद्भुत संगम को याद करते हुए कहा कि उन्हें इस समुदाय की भाषा और परंपराओं पर गर्व है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा-एनडीए सरकार न केवल असम का भौतिक विकास कर रही है, बल्कि यहां की प्राचीन विरासत और अस्मिता को बचाने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने जनता के प्यार को अपने ऊपर एक ‘कर्ज’ बताया और कहा कि वे विकास के जरिए इस ऋण को चुकाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।










