Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल! सचिन पायलट का केंद्र पर प्रहार, कहा- ‘वोट लो और दाम बढ़ाओ’

देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान में पेट्रोल 107.97 रुपये तक पहुंच गया है। इस पर सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर बोझ डालना पहले से तय था। सीएनजी के दामों में भी इजाफा हुआ है।

Petrol Diesel Price Hike

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 15, 2026

Petrol Diesel Price Hike: देशभर सहित राजस्थान में शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई जबरदस्त वृद्धि ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। 15 मई को तेल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी के बाद राजस्थान में पेट्रोल के दाम 3.25 रुपये उछलकर 107.97 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं, जबकि डीजल की कीमत में 3.02 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे यह 93.23 रुपये प्रति लीटर के स्तर को छू गया है। इस महंगाई पर राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘चुनावी रणनीति’ करार दिया है।

ईंधन की बढ़ती दरों पर सचिन पायलट का बड़ा बयान

ईंधन की कीमतों में अचानक हुए इस इजाफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पायलट ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह पहले से ही तय था कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डाला जाएगा।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की नीति ‘वोट लो और फिर दाम बढ़ाओ’ की रही है। पायलट के अनुसार, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने का इंतजार किया जा रहा था और जैसे ही मतदान खत्म हुआ, आम आदमी की जेब पर डाका डाल दिया गया।

विपक्ष के गंभीर आरोप

सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर जनता को गुमराह करने और चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव चल रहे थे, तब तक वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद तेल कंपनियों ने दाम नहीं बढ़ाए। यह सब केवल मतदाताओं को लुभाने के लिए किया गया था। लेकिन अब, जब चुनाव समाप्त हो चुके हैं, तो सरकार ने तुरंत 3 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी कर सारा बोझ मध्यम और गरीब वर्ग पर डाल दिया है। विपक्ष इसे एक सोची-समझी साजिश बता रहा है।

चार साल बाद पेट्रोल-डीजल में पहली बड़ी वृद्धि

आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को हुई यह बढ़ोतरी पिछले चार वर्षों में ईंधन की कीमतों में पहली बड़ी वृद्धि है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का दावा है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ रहा था। इस घाटे की भरपाई के लिए कीमतों को बढ़ाना अनिवार्य हो गया था। तेल के साथ-साथ दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में सीएनजी (CNG) की दरों में भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है, जिससे परिवहन लागत और महंगी हो गई है।

दिल्ली-मुंबई में पेट्रोल के नए दाम

भारत के अलग-अलग राज्यों में पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर (VAT) की दरें भिन्न होती हैं, यही कारण है कि जयपुर, दिल्ली और मुंबई में तेल के दाम अलग-अलग हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। राजस्थान जैसे राज्यों में, जहां वैट की दरें अपेक्षाकृत अधिक हैं, वहां पेट्रोल का 100 रुपये के पार जाना चिंता का विषय बना हुआ है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में महंगाई का असर अन्य आवश्यक वस्तुओं पर भी दिख सकता है।