Parliament News: संसद के कामकाज में बड़ा बदलाव, रामनवमी पर अवकाश और शनिवार-रविवार रहेगी छुट्टी

पहले यह तय किया गया था कि छुट्टियों की भरपाई के लिए 28 और 29 मार्च (शनिवार-रविवार) को संसद चलेगी। लेकिन आज बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद सरकार ने अपना फैसला बदल लिया है। किरेन रिजिजू ने बताया कि सदस्यों के सुझावों के बाद अब वीकेंड पर छुट्टी रहेगी। आखिर क्या है इस अचानक आए बदलाव के पीछे की असली वजह?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 25, 2026

Parliament News:  संसद के वर्तमान बजट सत्र के बीच संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने सदन की कार्यवाही और अवकाश को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्यसभा में दी गई इस जानकारी के अनुसार, संसद के कामकाज के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है। यह निर्णय त्योहारों की गरिमा और सदस्यों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे विधायी कार्यों के प्रबंधन में नया मोड़ आ गया है।

शनिवार और रविवार को नहीं चलेगी संसद: अवकाश का ऐलान

संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने राज्यसभा को सूचित किया कि अब शनिवार और रविवार को संसद की कार्यवाही नहीं चलेगी। गौरतलब है कि पहले सरकार की योजना विधायी कार्यों के दबाव को देखते हुए सप्ताहांत (वीकेंड) पर भी सदन चलाने की थी। हालांकि, अब इस निर्णय को बदल दिया गया है और दोनों दिनों के लिए पूर्ण अवकाश घोषित कर दिया गया है। इस फैसले से सांसदों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाने और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।

रामनवमी के पावन अवसर पर सदन में छुट्टी

देशभर में मनाए जाने वाले रामनवमी के पर्व को देखते हुए सरकार ने कल (26 मार्च) के लिए संसद में अवकाश की घोषणा की है। किरन रिजिजू ने बताया कि रामनवमी की महत्ता और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया गया है कि कल सदन की कोई बैठक नहीं होगी। यह अवकाश लोकसभा और राज्यसभा दोनों पर लागू होगा। इस घोषणा का सभी दलों के सदस्यों ने स्वागत किया है, क्योंकि रामनवमी एक प्रमुख राष्ट्रीय उत्सव है।

शुक्रवार को राज्यसभा में पेश होगा ‘फाइनेंस बिल’

संसदीय कार्यमंत्री ने आगामी विधायी एजेंडे पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुक्रवार (27 मार्च) को राज्यसभा में ‘फाइनेंस बिल’ (वित्त विधेयक) चर्चा और पारित करने के लिए लाया जाएगा। वित्त विधेयक सरकार के बजटीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देने के लिए अनिवार्य है। चूंकि 31 मार्च तक बजटीय प्रक्रिया पूरी करनी होती है, इसलिए शुक्रवार का दिन उच्च सदन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है। सरकार की कोशिश होगी कि चर्चा के बाद इसे उसी दिन पारित करा लिया जाए।

विधायी कार्यों का प्रबंधन और समय सीमा

संसद के इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक लंबित हैं। किरन रिजिजू ने संकेत दिया कि हालांकि सप्ताहांत की छुट्टियां घोषित की गई हैं, लेकिन कार्यदिवसों के दौरान सदन की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। फाइनेंस बिल के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण संशोधनों पर भी चर्चा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि संवैधानिक समय सीमा के भीतर सभी वित्तीय कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न कर लिया जाए ताकि नए वित्त वर्ष की शुरुआत निर्बाध रूप से हो सके।

सत्र के समय से पहले समापन की अटकलें

कार्यवाही में हुए इन बदलावों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या बजट सत्र को निर्धारित समय से पहले समाप्त किया जा सकता है। किरन रिजिजू के बयानों से स्पष्ट है कि सरकार फिलहाल महत्वपूर्ण बिलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने में जुटी है। वित्त विधेयक का राज्यसभा में आना इस प्रक्रिया का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। विपक्ष की उपस्थिति और सुझावों के बीच शुक्रवार की चर्चा पर सबकी नजरें टिकी होंगी।

सुशासन और उत्सव का सामंजस्य

संसदीय कार्यमंत्री की इस घोषणा ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार विधायी उत्तरदायित्वों और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहती है। रामनवमी का अवकाश और सप्ताहांत की छुट्टी सांसदों को मानसिक विश्राम के साथ-साथ त्योहार मनाने का अवसर देगी, वहीं शुक्रवार को होने वाली फाइनेंस बिल पर चर्चा देश की आर्थिक दिशा तय करेगी।

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