Parents Alert: AI के गलत इस्तेमाल से बढ़ा खतरा, बच्चों की तस्वीरों पर जारी हुई सख्त चेतावनी

सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरें शेयर करने को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की गई है। AI तकनीक के गलत इस्तेमाल से बच्चों की तस्वीरों के दुरुपयोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आखिर विशेषज्ञों ने क्या कहा, कौन से नए खतरे सामने आए और पैरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जानिए पूरी रिपोर्ट।

AI के गलत इस्तेमाल से बढ़ा खतरा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 6, 2026

Parents Alert: आज के समय में सोशल मीडिया लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लगभग हर व्यक्ति अपने जीवन की छोटी-बड़ी घटनाएं फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म पर साझा करता है। लेकिन इसी बढ़ते डिजिटल उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई एक छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसी को देखते हुए अब माता-पिता के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है, जिसमें बच्चों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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NCA और IWF की नई गाइडलाइन

नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) और इंटरनेट वॉच फाउंडेशन (IWF) ने मिलकर एक नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता दें और सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय बेहद सावधानी बरतें। एजेंसियों का कहना है कि बच्चों की तस्वीरें पोस्ट करते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी जैसे स्कूल का नाम, लोकेशन या अन्य पहचान से जुड़ी डिटेल्स उजागर न हों। इसके साथ ही विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि फोटो शेयर करनी ही हो तो उसे केवल सीमित दर्शकों तक ही रखें, जैसे कि “क्लोज फ्रेंड्स” या प्राइवेट अकाउंट।

AI तकनीक का गलत इस्तेमाल बढ़ा चिंता का विषय

रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। ब्रिटेन की IWF और NCA के मुताबिक, कुछ असामाजिक तत्व AI का इस्तेमाल करके बच्चों की तस्वीरों को एडिट कर फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री तैयार कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 8,000 से अधिक ऐसी AI-जनरेटेड तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री शामिल थी। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है, जो चिंता का विषय है।

पुरानी तस्वीरों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल नई तस्वीरें ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर पहले से मौजूद पुरानी तस्वीरों की भी जांच करना जरूरी है। कई बार पुरानी पोस्ट में बच्चों की निजी जानकारी या पहचान से जुड़ी डिटेल्स मौजूद होती हैं, जो खतरा पैदा कर सकती हैं। यदि ऐसी कोई पोस्ट या फोटो ऑनलाइन उपलब्ध है, तो उसे तुरंत हटाना या उसकी प्राइवेसी सेटिंग बदलना आवश्यक है।

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शेयर करने से पहले अनुमति और सावधानी जरूरी

गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि स्कूलों, क्लबों, रिश्तेदारों और दोस्तों को बच्चों की तस्वीरें साझा करने से पहले माता-पिता की अनुमति लेना चाहिए। यह कदम बच्चों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा, माता-पिता को नियमित रूप से अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी जानकारी अनजाने में सार्वजनिक न हो।