Paraguay Banking Crisis : बैंकिंग घोटाले ने बदली पैराग्वे की सत्ता, राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के पीछे क्या है पूरा मामला?

पैराग्वे में एक बड़े बैंकिंग संकट ने पूरी राजनीति को हिलाकर रख दिया है। डिजिटल बैंक Ueno Bank के पतन के बाद लाखों ग्राहकों की जमा रकम फंस गई। मामला राष्ट्रपति सैंटियागो पेना तक पहुंचा और संसद ने उन्हें महाभियोग के जरिए पद से हटा दिया। अब उन्हें आवास पर नजरबंद किया गया है। आखिर इस संकट की पूरी कहानी क्या है?

Paraguay Banking Crisis

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 7, 2026

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Paraguay Banking Crisis : दक्षिण अमेरिकी देश पैराग्वे में बैंकिंग संकट अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। डिजिटल बैंक यूएनो बैंक के पतन और लाखों ग्राहकों की जमा पूंजी फंसने के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना की सरकार पर संकट गहरा गया। संसद में महाभियोग प्रस्ताव पारित होने के बाद पेना को राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव पारित होने के कुछ ही मिनट बाद उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

अपनी ही पार्टी के सांसदों ने राष्ट्रपति के खिलाफ किया मतदान

राष्ट्रपति पेना के लिए सबसे बड़ा झटका यह रहा कि उनकी अपनी पार्टी के सांसदों ने भी उनके खिलाफ मतदान किया। उन पर हितों के टकराव, वित्तीय नियामक संस्थाओं के कामकाज में हस्तक्षेप, पेंशन फंड की रकम के कथित दुरुपयोग और केंद्रीय बैंक से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पेना ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है।

इस्तीफे की पेशकश ठुकराकर संसद ने चलाया महाभियोग

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेना ने गुरुवार को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। हालांकि, सांसदों ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने के बजाय महाभियोग की प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें कदाचार का दोषी ठहराया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति को मिलने वाली कानूनी छूट और आजीवन सीनेट सदस्यता का अधिकार भी गंवा दिया। अभियोजक सिल्विया मार्गरीटा गोंजालेज वेस्टर के मुताबिक, शनिवार को उनसे विश्वासघात, प्रभाव के दुरुपयोग और सरकारी धन के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर पूछताछ होनी है।

यूएनो बैंक बंद होने से 30 लाख लोगों की बचत फंसी

इस पूरे संकट की सबसे बड़ी वजह यूएनो बैंक का बंद होना बताया जा रहा है। पैराग्वे के केंद्रीय बैंक ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच डिजिटल बैंक को अपने नियंत्रण में ले लिया था। इसके बाद लगभग 30 लाख जमाकर्ताओं की बचत और पेंशन की रकम फंस गई। बताया जा रहा है कि इस संकट से देश की आधी से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। राजधानी असुनसियोन समेत कई इलाकों में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

पेंशन फंड के 355 मिलियन डॉलर पर उठे गंभीर सवाल

महाभियोग के दौरान आरोप लगाया गया कि पेना ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके सरकारी धन यूएनो बैंक तक पहुंचाने में मदद की। इसके बदले नियामक संस्थाओं ने बैंक की संदिग्ध ऋण प्रक्रियाओं और मालिकों से जुड़ी कंपनियों के लेनदेन पर उचित कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा राज्य के पेंशन फंड की ओर से बैंक में लगभग 355 मिलियन डॉलर जमा किए जाने पर भी सवाल उठे। यह रकम कानूनी सीमा से अधिक बताई गई है।

पेद्रो अलियाना बने अंतरिम राष्ट्रपति, नुकसान भरपाई का वादा

पेना को हटाने के प्रस्ताव के समर्थन में 45 में से 44 सीनेटरों ने मतदान किया, जबकि एक सांसद अनुपस्थित रहा। इसके बाद उपराष्ट्रपति पेद्रो अलियाना ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। वह 2028 तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने प्रभावित नागरिकों को उनके वित्तीय नुकसान की पूरी भरपाई करने का भरोसा दिया है।

पेना के खिलाफ मुकदमे की तैयारी, बचाव पक्ष ने आरोप नकारे

विश्लेषकों का मानना है कि बैंकिंग संकट को लेकर पेना के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चल सकता है। उनके वकील रिकार्डो प्रेडा ने आरोपों को गैर-जिम्मेदाराना और अवसरवादी बताया है। गौरतलब है कि पिछले साल तक पेना उस कंपनी में हिस्सेदार थे, जिसके पास यूएनो बैंक का स्वामित्व था। गुरुवार को देश के नाम संबोधन में उन्होंने लोगों का भरोसा टूटने पर खेद जताया था। अब पूरे देश की नजर जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर है।

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