Pappu Yadav Death Threat: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सांसद को उनकी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए जान से मारने और पूरे परिवार को बम से उड़ाने की खुली धमकी मिली है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने राजनीतिक गलियारों और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मचा दी है।
नई दिल्ली जिला पुलिस को सौंपी गई शिकायत
बताते चले कि, धमकी मिलने के बाद सांसद पप्पू यादव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए नई दिल्ली जिला पुलिस को औपचारिक शिकायत सौंपी है। लोकसभा सांसद ने दिल्ली के डीसीपी को पत्र लिखकर आरोपी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने, उसकी त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और अपने तथा अपने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की कड़ी मांग की है।
वेबसाइट के शिकायत पोर्टल पर आए धमकी भरे संदेश
सांसद कार्यालय के अनुसार, 28 जुलाई को ‘पप्पूयादवडॉटओआरजी’ वेबसाइट के शिकायत पोर्टल पर दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सांसद को गोली मारने और परिवार को खत्म करने की बात कही गई है। संदेश भेजने वाले ने अपना नाम मुकेश मिश्रा बताया है, साथ ही शिकायत में मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और [Aadhaar Redacted] जैसे विवरण के साथ-साथ मधुबनी, बिहार का पता भी दर्ज किया गया है।
सांसद कार्यालय ने डीसीपी स्तर पर की त्वरित कार्रवाई की अपील
सांसद के कार्यालय ने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे सीधे डीसीपी स्तर पर संबोधित किया गया है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि पुलिस तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज करे, आरोपी की पहचान कर उसे सलाखों के पीछे भेजे और जांच की प्रगति से कार्यालय को नियमित रूप से अवगत कराए।
जन प्रतिनिधि और परिवार की सुरक्षा को लेकर खड़े हुए बड़े सवाल
सांसद कार्यालय ने पत्र में साफ किया है कि एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और उनके परिजनों को इस तरह की सार्वजनिक धमकी मिलना बेहद चिंताजनक है। इससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर और जायज सवाल खड़े होते हैं, जिसके मद्देनजर पुलिस से आवश्यक निवारक और सुरक्षात्मक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
तकनीकी जांच में जुटी दिल्ली और बिहार पुलिस
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव लगातार बिहार और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं। अपने मुखर बयानों और सामाजिक कार्यों के कारण वह अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। फिलहाल, इस मामले में पुलिस का साइबर सेल आईपी एड्रेस, सर्वर लॉग और दिए गए मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच के जरिए आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।










