Pappu Yadav Bail: बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को फिलहाल अदालत से कोई राहत नहीं मिल पाई है। सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर होने वाली अहम सुनवाई अंतिम समय पर स्थगित कर दी गई। इस वजह से पप्पू यादव को पटना की बेउर जेल में ही रहना पड़ेगा। जमानत को लेकर समर्थकों और परिजनों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन सुनवाई टलने से मायूसी साफ नजर आई।
35 साल पुराने मामले में हुई गिरफ्तारी
पप्पू यादव की गिरफ्तारी एक ऐसे मामले में हुई है, जो करीब साढ़े तीन दशक पुराना बताया जा रहा है। बिहार पुलिस ने उन्हें शुक्रवार देर रात हिरासत में लिया था। प्रशासन के अनुसार, इस मामले में अदालत ने कई बार उन्हें पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन लगातार अनुपस्थिति के चलते कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और वारंट जारी कर दिया। इसी आदेश के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सांसद को गिरफ्तार किया।
कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजे गए सांसद
गिरफ्तारी के अगले दिन शनिवार को पप्पू यादव को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें बेउर जेल भेजा गया। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार की गई है और इसमें किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है।
गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत
गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चला और रविवार दोपहर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद भारी सुरक्षा के बीच उन्हें बेउर जेल ले जाया गया, जहां उनकी बायोमीट्रिक पहचान और फिंगरप्रिंट की प्रक्रिया पूरी की गई।
समर्थकों का हंगामा और विरोध प्रदर्शन
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद पटना में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। अस्पताल और जेल के बाहर उनके समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और सांसद की जनहित में उठाई जा रही आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को कई जगहों पर हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
गर्दनीबाग थाने के पुराने केस से जुड़ा मामला
यह पूरा विवाद पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज एक पुराने मामले से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी के जरिए उनका मकान किराए पर लिया था। यह मामला लंबे समय से अदालत में लंबित था और पेशी से बचने के कारण अब गिरफ्तारी तक बात पहुंच गई। पप्पू यादव के वकीलों का कहना है कि इतने पुराने मामले को अचानक सक्रिय करना सवाल खड़े करता है।
राहुल और प्रियंका गांधी का समर्थन
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुलकर उनके समर्थन में बयान दिए हैं। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने के लिए पुराने मामलों का सहारा लिया जा रहा है।
अगली तारीख का इंतजार
सोमवार को जमानत पर सुनवाई टलने के बाद अब पप्पू यादव को बेउर जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में रहना होगा। उनके वकीलों की टीम अगली सुनवाई की तारीख का इंतजार कर रही है। अगली पेशी में उनकी सेहत और मामले की कानूनी पेचीदगियों को आधार बनाकर जमानत की मांग फिर से की जाएगी। तब तक पूर्णिया के सांसद को जेल में ही समय बिताना पड़ेगा।










