Panihati Assembly Election Results 2026: पनिहाटी में ममता का किला खतरे में! पीड़ित मां रत्ना देबनाथ की बढ़त ने बदली बंगाल की राजनीतिक हवा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में पनिहाटी सीट पर बीजेपी की रत्ना देबनाथ 3000 वोटों से आगे चल रही हैं। आरजी कर मामले की पीड़िता की मां होने के नाते यह मुकाबला बेहद भावनात्मक हो गया है। उधर, शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि हिंदू बाहुल्य क्षेत्रों की गिनती के साथ बीजेपी की लीड और बढ़ेगी।

Panihati Assembly Election Results 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 4, 2026

Panihati Assembly Election Results 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विशेष रूप से पनिहाटी विधानसभा सीट पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बड़ा दांव खेलते हुए आरजी कर मामले की पीड़िता की मां, रत्ना देबनाथ को चुनाव मैदान में उतारा है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, रत्ना देबनाथ अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से करीब 3000 वोटों के अंतर से आगे चल रही हैं, जिससे इस क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

पनिहाटी विधानसभा सीट रुझान

बताते चले कि, पनिहाटी निर्वाचन क्षेत्र में इस बार चुनावी मुकाबला केवल राजनीतिक विचारधारा की जंग नहीं, बल्कि एक मां के न्याय की पुकार और जनता की सहानुभूति से जुड़ा नजर आ रहा है। मतगणना के शुरुआती दौर में बीजेपी उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने लगभग 3000 मतों की लीड लेकर तृणमूल कांग्रेस के खेमे में चिंता बढ़ा दी है। बीजेपी को उम्मीद है कि सहानुभूति की लहर और न्याय की मांग जैसे भावनात्मक मुद्दे इस बार पनिहाटी के मतदाताओं के निर्णय में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

तीर्थाकंर बनाम रत्ना देबनाथ

हालांकि रत्ना देबनाथ बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार तीर्थाकंर उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं। टीएमसी अपने मजबूत स्थानीय नेटवर्क और परंपरागत वोट बैंक के भरोसे इस सीट पर वापसी की कोशिश में जुटी है। तीर्थाकंर की जमीनी सक्रियता और ममता बनर्जी का सांगठनिक ढांचा इस सख्त चुनावी संघर्ष को रोमांचक बना रहा है। यही कारण है कि बढ़त के बावजूद मुकाबला किसी भी तरफ झुक सकता है और अंतिम नतीजों तक सस्पेंस बना रहने की उम्मीद है।

पश्चिम बंगाल मतगणना अपडेट

पूरे राज्य की बात करें तो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 के रुझानों में जबरदस्त उलटफेर देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले तक बड़ी लीड बनाने वाली बीजेपी अब 141 सीटों पर आगे है, जबकि टीएमसी ने शानदार वापसी करते हुए अपनी बढ़त को 135 सीटों तक पहुंचा दिया है। सत्ता की इस कांटे की लड़ाई में दोनों दलों के बीच का अंतर लगातार कम हो रहा है, जिससे बंगाल की सत्ता पर काबिज होने का समीकरण हर पल बदल रहा है।

शुभेंदु अधिकारी का बयान

इस बीच, नंदीग्राम के विधायक और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘सनातनी’ और हिंदू मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है। शुभेंदु ने मतदान के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में मुस्लिम बाहुल्य बूथों की गिनती के कारण ममता बनर्जी आगे निकल गई थीं, लेकिन जैसे ही हिंदू बाहुल्य बूथों की ईवीएम खुली, बीजेपी ने न केवल अंतर कवर किया बल्कि बढ़त भी हासिल कर ली। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी राउंड में सातवें से दसवें बूथ के बीच बीजेपी फिर से बड़ी लीड ले लेगी।

पनिहाटी का जनादेश

पनिहाटी सीट का परिणाम केवल एक विधायक का चयन नहीं करेगा, बल्कि यह राज्य की भविष्य की राजनीतिक दिशा का संकेत भी देगा। यदि रत्ना देबनाथ यह जीत हासिल करती हैं, तो यह बीजेपी के लिए ‘न्याय’ के मुद्दे पर एक बड़ी नैतिक जीत होगी। वहीं, अगर टीएमसी यहाँ अपनी पकड़ बनाए रखती है, तो यह उसके संगठनात्मक कौशल और कैडर की मजबूती का प्रमाण माना जाएगा। फिलहाल, सबकी निगाहें मतगणना के अगले चक्र पर हैं, जहाँ पनिहाटी की जनता का अंतिम फैसला स्पष्ट होगा।