UGC Controversy: उत्तर प्रदेश विधानसभा में सिराथू विधायक पल्लवी पटेल ने यूजीसी बिल (UGC Bill) के मुद्दे पर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर इस महत्वपूर्ण सुधार को न्यायिक प्रक्रियाओं में उलझाया है।
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सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल
बताते चले कि, अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि बीजेपी के लिए ‘सुधार’ (Reform) के क्या मायने हैं? पल्लवी ने तंज कसते हुए कहा कि क्या सरकार की नजर में बदलाव सिर्फ कागजी आंकड़ों और सत्ता हथियाने तक सीमित है? उन्होंने आगाह किया कि केवल झूठे आंकड़े पेश करके और विकास के खोखले दावे करके प्रदेश की छवि को नहीं सुधारा जा सकता। उनके अनुसार, वास्तविक सुधार वह है जो धरातल पर न्याय और समानता सुनिश्चित करे।
यूजीसी एक्ट 2026 और सामाजिक न्याय की अनदेखी
आपको बता दे कि, पल्लवी पटेल ने यूजीसी एक्ट 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून संसदीय समिति की सिफारिशों और न्यायालय के दिशा-निर्देशों के बाद लाया गया था। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता लाना और पिछड़े व वंचित समाज को उचित अवसर प्रदान करना था। विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले इस बिल को लाकर पिछड़ों में उम्मीद जगाई, लेकिन बाद में एक सोची-समझी रणनीति के तहत इसे न्यायपालिका के पेचीदा दांवपेंचों में फंसा दिया। उन्होंने इसे वंचित समाज के साथ एक बड़ा विश्वासघात करार दिया।
वंचित बनाम अगड़ा समाज: बढ़ती खाई पर चिंता
विधायक ने सदन में कहा कि यूजीसी समानता अधिनियम लागू होने से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच वर्षों से चली आ रही खाई को पाटा जा सकता था। हालांकि, सरकार के ढुलमुल रवैये ने इस दूरी को और अधिक गहरा कर दिया है। पल्लवी ने ‘चित भी अपनी और पट भी अपनी’ वाली कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार दोहरा खेल खेल रही है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आज जनता की उम्मीदें सिर्फ सरकार से नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों से भी हैं, क्योंकि समाज का शोषित वर्ग उच्च शिक्षा और सम्मान के लिए उनकी ओर देख रहा है।
“घुटनों पर आकर बिल लागू करेगी सरकार”
अपने संबोधन के अंत में पल्लवी पटेल ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियां— “जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनका भी अपराध”—पढ़ते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भले ही वह भविष्यवक्ता नहीं हैं, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि जिस बीजेपी सरकार ने आज इस बिल को लटकाया है, वही कल इसे घुटनों पर आकर लागू करने को मजबूर होगी। उन्होंने साफ किया कि बीजेपी का हर कदम जनहित में रिफॉर्म नहीं होता और जनता अब इस सच्चाई को समझ चुकी है।









