Pak Army LeT Nexus: पाकिस्तान सेना और लश्कर के नापाक गठजोड़ का पर्दाफाश, आतंकी कसूरी का बड़ा कबूलनामा

क्या पाकिस्तानी सेना और आतंकी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं? लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष नेता सैफुल्ला कसूरी के एक ताजा वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की पोल खोल दी है। कसूरी ने सरेआम कबूल किया है कि उसे पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक कार्यक्रमों और सैन्य जनाजों में विशेष अतिथि के रूप में बुलाया जाता है। आखिर क्या है इस नापाक गठजोड़ का असली सच?

Pak Army LeT Nexus

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 11, 2026

Pak Army LeT Nexus: पाकिस्तान और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बीच का काला गठजोड़ एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। लश्कर के डिप्टी चीफ और कई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने एक सार्वजनिक मंच से स्वीकार किया है कि पाकिस्तानी सेना और उसके बीच बेहद करीबी संबंध हैं। कसूरी ने एक वीडियो में दावा किया कि उसे पाकिस्तान सेना के आधिकारिक कार्यक्रमों में नियमित रूप से मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है। उसने यह भी कहा कि सेना के जवानों के अंतिम संस्कार (जनाजे की नमाज) का नेतृत्व करने के लिए उसे विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता है, जो यह साबित करता है कि पाकिस्तान में आतंकवादियों को राजकीय संरक्षण प्राप्त है।

स्कूली बच्चों के बीच जहर घोलता आतंकी: अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुली पाकिस्तान की पोल

सैफुल्लाह कसूरी का यह विवादित बयान पाकिस्तान के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आया, जहाँ वह छोटे बच्चों को संबोधित कर रहा था। वीडियो में उसे साफ तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पाकिस्तानी सेना उसे औपचारिक निमंत्रण भेजती है। कसूरी का यह कबूलनामा उन तमाम अंतरराष्ट्रीय दावों पर मुहर लगाता है जो पाकिस्तान को आतंकवाद का पोषक मानते हैं। इससे पाकिस्तान सरकार के उन झूठे आश्वासनों की भी पोल खुल गई है, जिनमें वह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) और संयुक्त राष्ट्र के सामने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का नाटक करती रही है।

भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर दी गीदड़ भभकी

अपने संबोधन के दौरान कसूरी ने भारत के प्रति अपनी नफरत को भी जाहिर किया। उसने दावा किया कि भारतीय एजेंसियां और सुरक्षा बल उससे खौफ खाते हैं। कसूरी ने पहली बार भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्वीकार किया कि इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी लॉन्च पैड्स को भारी नुकसान पहुँचा है। हालांकि, उसने अपनी हार छिपाने के लिए इसे भारत की ‘गलती’ बताया और दोहराया कि लश्कर-ए-तैयबा कश्मीर में अशांति फैलाने के अपने एजेंडे से कभी पीछे नहीं हटेगा।

पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड: निर्दोषों की हत्या पर जताया गर्व

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर कसूरी के मन में कोई पछतावा नहीं है। उस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। कसूरी ने एक रैली में घमंड के साथ कहा कि मास्टरमाइंड के रूप में उसका नाम आने के बाद वह पूरी दुनिया में मशहूर हो गया है। एक आतंकी द्वारा इस तरह का सार्वजनिक बयान देना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान में न्याय व्यवस्था और कानून का कोई डर नहीं है। वह निर्दोषों के खून को अपनी ‘उपलब्धि’ के तौर पर प्रचारित कर रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’? भारत की सर्जिकल स्ट्राइक का बदला

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने अपनी रक्षात्मक नीति बदलते हुए 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों को सटीक निशाना बनाया। इसके बाद 7 मई से 10 मई के बीच दोनों देशों की सीमाओं पर भारी गोलाबारी, ड्रोन और मिसाइल हमले हुए। अंततः अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारत की आक्रामक कार्रवाई के आगे झुकते हुए 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी। कसूरी का वर्तमान बयान इसी ऑपरेशन से उपजी हताशा का परिणाम माना जा रहा है।

निष्कर्ष: वैश्विक आतंकवाद पर पाकिस्तान की दोहरी चाल

सैफुल्लाह कसूरी का वीडियो पाकिस्तान की उस दोहरी नीति का जीवंत प्रमाण है, जहाँ एक तरफ वह खुद को आतंकवाद का पीड़ित बताता है और दूसरी तरफ लश्कर जैसे संगठनों को अपनी गोद में पालता है। एक आतंकी को स्कूलों में भाषण देने और सेना के साथ मंच साझा करने की अनुमति देना यह स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान की सत्ता पर सेना और जिहादी तत्वों का साझा कब्जा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अब यह अनिवार्य हो गया है कि वे कसूरी के इन दावों को गंभीरता से लें और पाकिस्तान पर सख्त प्रतिबंधों की दिशा में कदम बढ़ाएं।

Read More : US-Iran Tension: ईरान पर कभी भी हमला कर सकता है अमेरिका, व्हाइट हाउस में हुई आपात बैठक