Russia Ukraine War : रूस-यूक्रेन युद्ध में हमले जारी, ट्रंप के दूत शांति वार्ता के लिए कीव पहुंचे

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति की नई कोशिश शुरू हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पुतिन से मॉस्को में लंबी बातचीत के बाद कीव पहुंचे हैं। जेलेंस्की के साथ होने वाली वार्ता पर दुनिया की नजर है। सवाल है, क्या इस बार बातचीत युद्ध रोकने का रास्ता खोल पाएगी?

Russia Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 6, 2026

Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशों के बीच सैन्य संघर्ष अभी भी जारी है। राजधानी स्तर पर अस्थायी हमले रोकने की चर्चा के बावजूद रूस की ओर से यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों में हवाई हमले किए गए। इन हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत और 69 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने रात के दौरान 108 ड्रोन भेजे, जिनमें से 82 को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोकने का दावा किया।

मिसाइलों और ड्रोन से कई इलाकों को बनाया निशाना

रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी मिसाइलों और ड्रोन से यूक्रेन के 11 अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया गया। यूक्रेनी वायु रक्षा द्वारा रोके गए कुछ हवाई लक्ष्यों का मलबा भी सात इलाकों में गिरा। हमलों के मद्देनजर कई क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। हालांकि, राजधानी कीव में रात के दौरान सीधे हमले की जानकारी नहीं मिली, लेकिन कीव ओब्लास्ट रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों से प्रभावित रहा।

अमेरिका ने शांति वार्ता के प्रयास किए तेज

रूस के लगातार हमलों के बीच अमेरिका ने युद्ध समाप्त कराने के लिए अपने कूटनीतिक प्रयासों को तेज कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रविवार को यूक्रेन पहुंचे। दोनों प्रतिनिधि यूक्रेनी अधिकारियों के साथ युद्ध समाप्त करने और संभावित समझौते की दिशा में बातचीत करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका मॉस्को और कीव के बीच बातचीत का रास्ता तैयार करने की कोशिश कर रहा है।

मॉस्को में पुतिन से लंबी बैठक

कीव यात्रा से एक दिन पहले स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तीन घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा की थी। इस बैठक के बाद तत्काल किसी समझौते की घोषणा नहीं हुई। हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बातचीत को आगे की रणनीति तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। अधिकारी के अनुसार, संभावित अगले कदमों का ऐलान आने वाले हफ्तों में किया जा सकता है।

कीव पर तीन दिन हमले रोकने का दावा

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूसी सेना आधी रात से तीन दिनों तक कीव पर हमला नहीं करेगी। इसके जवाब में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी 7 सितंबर के अंत तक मॉस्को पर हमला नहीं करने की तैयारी जताई। यूक्रेन ने फ्रंट लाइन पर जारी लड़ाई को भी तीन दिनों के लिए रोकने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

दूसरे यूक्रेनी इलाकों में सैन्य कार्रवाई जारी

राजधानियों को लेकर अस्थायी विराम की बात के बावजूद यूक्रेन के अन्य हिस्सों में रूसी सैन्य अभियान जारी रहा। मिसाइल और ड्रोन हमलों ने इस संभावित विराम की सीमाओं को स्पष्ट कर दिया है। कीव शहर में रातभर सीधा हमला नहीं हुआ, लेकिन आसपास के कीव ओब्लास्ट और देश के अन्य क्षेत्रों में रूसी हमलों की खबरें सामने आती रहीं। इससे युद्धविराम को लेकर बनी उम्मीदों के बीच स्थिति जटिल बनी हुई है।

जेलेंस्की ने बातचीत से पहले टीम के साथ की बैठक

अमेरिकी दूतों से मुलाकात से पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने वार्ताकारों की टीम के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन गंभीर और वास्तविक बातचीत के लिए तैयार है। जेलेंस्की के अनुसार, उनका देश युद्ध को समाप्त करना चाहता है, लेकिन किसी भी समझौते के लिए विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी और सम्मानजनक शांति जरूरी होगी। यूक्रेन की बातचीत में यही दोनों मुद्दे प्रमुख बने हुए हैं।

रूस ने युद्ध के मूल कारणों पर दिया जोर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगातार यह संकेत देते रहे हैं कि मॉस्को अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल करना चाहता है। रूस की ओर से युद्ध के मूल कारणों का स्थायी समाधान खोजने पर भी जोर दिया गया है। क्रेमलिन के वरिष्ठ सहयोगी यूरी उशाकोव ने मॉस्को में हुई वार्ता को स्पष्ट, रचनात्मक और ठोस बताया। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।

शांति समझौते के रास्ते में कई अड़चनें

अमेरिका की मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच व्यापक शांति समझौते पर अभी सहमति नहीं बन सकी है। यूक्रेन सुरक्षा गारंटी और सम्मानजनक शांति को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि रूस युद्ध के मूल कारणों के समाधान पर जोर दे रहा है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन की कूटनीतिक पहल और कीव में होने वाली बातचीत आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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