Delhi Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से प्रधानमंत्री के हवाले से बयान जारी किया गया। इसमें दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। प्रधानमंत्री ने राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों के प्रयासों की भी जानकारी दी।
पीएम ने प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और प्रभावित लोगों की सहायता में जुटे हुए हैं। सरकार की ओर से राहत कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दोपहर में अचानक ढह गई पांच मंजिला इमारत
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इमारत के गिरने के बाद उसका पूरा मलबा आसपास फैल गया और कई लोगों के उसमें दबे होने की आशंका जताई गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिशें शुरू कर दीं।
करीब 50 लोगों के फंसे होने की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद करीब 50 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। हालांकि, मलबे के नीचे वास्तव में कितने लोग मौजूद थे, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर
इमारत गिरने की सूचना मिलने के बाद दिल्ली फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और डॉग स्क्वाड की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत कर्मियों ने मलबे को हटाने के लिए बुलडोजर और अन्य उपकरणों की मदद ली। डॉग स्क्वाड की सहायता से मलबे में दबे लोगों की तलाश की गई। स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बचाव अभियान में सहयोग किया। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने नौ लोगों को बचाने की दी जानकारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद अब तक नौ लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। इनमें से तीन लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और बचाव दल की ओर से मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रखा गया। राहत कार्य के दौरान घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए।
शिव मंदिर के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह इमारत साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में शिव मंदिर के पास स्थित थी। बताया जा रहा है कि इमारत में पीजी संचालित था, जहां पढ़ाई करने वाले छात्र रहते थे। इसी वजह से हादसे के बाद वहां रहने वाले लोगों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ गई। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की पहचान और उनके संबंध में जानकारी जुटाने का काम भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौके पर पहुंचीं
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर मौजूद रहीं। उन्होंने राहत और बचाव अभियान का जायजा लिया तथा अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे संभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित रहा। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच भी आगे की जाएगी, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
राहत अभियान पर लगातार बनी हुई नजर
सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस और बचाव एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। मलबा हटाने और उसमें दबे लोगों की तलाश का काम लगातार जारी है। हादसे में तीन लोगों की मौत और नौ लोगों के बचाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद भी संभावित पीड़ितों की तलाश जारी रखी गई है। प्रधानमंत्री की संवेदना के साथ सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता राहत, बचाव और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।
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