Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम हमले की बरसी पर PM मोदी का संकल्प, आतंक के आगे भारत नहीं झुकेगा

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्दोषों को श्रद्धांजलि देते हुए स्पष्ट किया कि भारत आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 22, 2026

Pahalgam Attack Anniversary: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले को आज एक साल पूरा हो गया है। इस भावुक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि उन मासूमों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और भारत आतंकवाद की इन कायराना हरकतों के आगे कभी सिर नहीं झुकाएगा।

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आतंक के खिलाफ भारत का अडिग संकल्प

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि आतंकियों की कोई भी साजिश देश की एकता और अखंडता को डिगा नहीं सकती। पीएम मोदी का यह बयान उस मजबूत नीति को दर्शाता है जिसमें भारत अब आतंक को सहने के बजाय उसका जड़ से सफाया करने में विश्वास रखता है।

सेना का मुंहतोड़ जवाब

पहलगाम हमले की बरसी पर भारतीय सेना ने भी देश को गौरवान्वित करने वाली सूचना साझा की। ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत सुरक्षाबलों ने तीन खूंखार आतंकियों को ढेर कर दिया है। सेना ने सोशल मीडिया के माध्यम से सख्त लहजे में कहा कि भारत के खिलाफ किसी भी दुस्साहस का परिणाम निश्चित और अत्यंत कठोर होगा।

इस ऑपरेशन की जटिलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अभियान लगातार 93 दिनों और रातों तक चला। सेना ने दुर्गम पहाड़ियों और खतरनाक जंगलों के 300 प्रतिशत इलाकों की गहन तलाशी ली। सेना ने संकेत दिया कि न्याय मिलने में समय लग सकता है, लेकिन न्याय सुनिश्चित जरूर किया जाएगा। साथ ही, सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद विरोधी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है और जब तक घाटी से आतंक का नामोनिशान नहीं मिट जाता, सेना चैन से नहीं बैठेगी।

वो काला दिन जब दहल गया था पहलगाम

आज से ठीक एक साल पहले, 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे, पहलगाम की खूबसूरत बायसरन घाटी गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी थी। पर्यटकों के वेश में छिपे और सेना की वर्दी पहने आतंकियों ने वहां मौजूद निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी।

इस हमले की भयावहता प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बताया जाता है कि आतंकियों ने पहले लोगों से उनका धर्म पूछा, उनके पहचान पत्र देखे और फिर चुन-चुनकर हिंदुओं पर गोलियां बरसाईं। इस नरसंहार में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। 2019 के पुलवामा हमले के बाद यह जम्मू-कश्मीर में हुआ सबसे बड़ा और क्रूर हमला था। आतंकियों ने पहले रेकी की और फिर टट्टू की सवारी कर रहे मासूम सैलानियों को निशाना बनाया।

आज पूरा देश उन 26 बलिदानियों को याद कर रहा है, वहीं भारतीय सेना की ‘ऑपरेशन महादेव’ में मिली सफलता ने देशवासियों को यह आश्वासन दिया है कि भारत अब चुप बैठने वाला राष्ट्र नहीं है।

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