UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी द्वारा यूपी सरकार और विपक्षी दलों पर किए गए तीखे हमलों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मोर्चा संभाल लिया है। भाजपा के सांसद जगदंबिका पाल ने ओवैसी के बयानों पर बेहद कड़ा और तीखा पलटवार किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जनता अब सांप्रदायिक विभाजन और तुष्टिकरण के इस एजेंडे को पूरी तरह समझ चुकी है और वह ऐसी ताकतों को कभी सफल नहीं होने देगी।
जगदंबिका पाल का तीखा हमला
बताते चले कि, भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने एआईएमआईएम प्रमुख के भाषण की टाइमिंग और स्थान पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। जगदंबिका पाल ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी ने महाराजा सुहेलदेव से जुड़ी ऐतिहासिक और पवित्र धरती पर एक विदेशी हमलावर का महिमामंडन करके अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की है। यह पूरी तरह से तुष्टिकरण की राजनीति और हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच गहरी खाई पैदा करने की एक नाकाम कोशिश है।” उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के मतदाता अब जागरूक हो चुके हैं। हालिया चुनाव नतीजों ने बार-बार यह साबित किया है कि जनता विकास के साथ है और विभाजनकारी चालों को सिरे से खारिज करती है।
बहराइच के मटेरा में ओवैसी की जनसभा
इससे पहले, रविवार को बहराइच के मटेरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी की राजनीति में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। ओवैसी ने हुंकार भरते हुए कहा, “अगर कोई वास्तव में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को रोकना चाहता है, तो मजलिस (AIMIM) पूरी इज्जत, सम्मान और बराबर की हिस्सेदारी के साथ गठबंधन व बातचीत के लिए तैयार है।” उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अब मुस्लिम समाज दरी बिछाने की राजनीति नहीं करेगा, बल्कि अपनी हिस्सेदारी और बराबरी की लड़ाई खुद लड़ेगा। इस दौरान उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर भी तीखा तंज कसा और उन पर अवसरवादिता का आरोप लगाया।
बुलडोजर एक्शन और एनकाउंटर नीति पर तीखे सवाल
जनसभा के दौरान हैदराबाद के सांसद ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून-व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाइयों पर गंभीर आपत्ति जताई। ओवैसी ने आरोप लगाया कि सूबे में चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान, पुलिस मुठभेड़ों और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों का सबसे ज्यादा और सीधा असर राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “हमारा देश और संविधान ‘कानून के राज’ से चलता है, किसी बंदूक की नली या बंदूक के राज से नहीं।” उन्होंने संभल और मैनपुरी में हुई हालिया हिंसक घटनाओं का विशेष उल्लेख करते हुए इन मामलों में निष्पक्ष न्यायिक जांच और पीड़ितों को न्याय देने की पुरजोर मांग की।










